मुंबईः हालिया गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ वापसी की। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों का भरोसा लौटा, जिससे बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 394.50 अंक यानी 0.54 प्रतिशत बढ़कर 73,918.76 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 119.10 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,242.10 अंक पर पहुंच गया।
वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और इजराइल के बीच तनाव में कमी आने के संकेतों ने वैश्विक निवेशकों की चिंता कम की है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी सकारात्मक माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई। इससे भारतीय बाजार समेत एशियाई बाजारों में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला।
हालिया गिरावट के बाद लौटी खरीदारी
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार हाल के दिनों में आई तेज गिरावट के बाद बाजार में राहत की खरीदारी देखने को मिली है। हालांकि उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं अभी भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर है, जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगे की नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में चमक
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो बैंकिंग शेयरों ने बाजार को मजबूती दी। निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक तीन प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.58 प्रतिशत मजबूत हुआ। रियल्टी इंडेक्स में 1.66 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। एफएमसीजी, फार्मा, मेटल और ऑयल एंड गैस शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि आईटी और मीडिया शेयर दबाव में रहे।
तेल की कीमतों में गिरावट का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड दो प्रतिशत से अधिक गिरकर करीब 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है, जिसका सकारात्मक असर बाजार पर दिखाई दिया।
रुपये को RBI से मिला सहारा
भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और 38 पैसे की बढ़त के साथ 95.32 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विश्लेषकों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नए एफसीएनआर(बी) जमा को 30 सितंबर तक सीआरआर और एसएलआर नियमों से छूट देने के फैसले ने विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने की उम्मीद को मजबूत किया है।
सोने पर दबाव बरकरार
कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा। 24 कैरेट सोना 1,54,617 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी लगभग स्थिर रहकर 2,46,618 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी रही। भारतीय बाजार के साथ एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.88 प्रतिशत चढ़ा, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 1.16 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7.56 प्रतिशत की बड़ी छलांग लगाने में सफल रहा। केवल हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
आगे किस पर रहेगा फोकस ?
विशेषज्ञों के अनुसार निकट भविष्य में बाजार की दिशा अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की नीति और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी। फिलहाल वैश्विक तनाव कम होने और तेल कीमतों में नरमी से बाजार को राहत मिली है, लेकिन उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।
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