भोपाल : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को मध्य प्रदेश दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भोपाल स्थित राज्य शूटिंग अकादमी का दौरा किया, खिलाड़ियों के अभ्यास सत्र को देखा, स्वच्छ भारत अभियान के तहत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में भाग लिया और मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी मुलाकात की।
धर्मेंद्र प्रधान ने मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के साथ भोपाल स्थित मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी का दौरा किया। यहां उन्होंने खिलाड़ियों को अभ्यास करते हुए देखा और उनकी तैयारियों की जानकारी ली। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने अकादमी के प्रशिक्षकों से भी बातचीत की तथा प्रशिक्षण सुविधाओं और खेल अवसंरचना का निरीक्षण किया।
अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भोपाल के सूरज नगर स्थित नागेश्वर मंदिर में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता अभियान में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में भोपाल के सांसद आलोक शर्मा और स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान ने भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
इससे पहले शुक्रवार को धर्मेंद्र प्रधान ने एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित दिग्गज निशानेबाज एवं कोच जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया था।
49 वर्षीय जसपाल राणा का शुक्रवार को नई दिल्ली में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया। उन्हें दक्षिण दिल्ली के साकेत स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर शोक संदेश साझा करते हुए लिखा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच जसपाल राणा के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि अपने असाधारण कौशल, अनुशासन और समर्पण से जसपाल राणा ने देश को शूटिंग में अनेक गौरवपूर्ण क्षण दिए। खिलाड़ी और कोच दोनों भूमिकाओं में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने इसे भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
जसपाल राणा भारत के सबसे सफल और सम्मानित निशानेबाजों में गिने जाते हैं। तीन दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। वह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत के सबसे सफल खिलाड़ी रहे। उन्होंने 1994, 1998, 2002 और 2006 राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 15 पदक जीते, जिनमें नौ स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं।
राष्ट्रमंडल खेलों के अलावा एशियाई खेलों में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने एशियाई खेलों में चार स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए। 1994 के हिरोशिमा एशियाई खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2006 दोहा एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया था।
अपने जुझारूपन और दृढ़ संकल्प के लिए प्रसिद्ध जसपाल राणा ने 2006 दोहा एशियाई खेलों में तेज बुखार से जूझते हुए भी तीन स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय निशानेबाजी इतिहास की सबसे प्रेरणादायक उपलब्धियों में से एक दर्ज की थी। उनका योगदान भारतीय खेल जगत में हमेशा याद किया जाएगा।