नई दिल्लीः एमटी लियाकी फ्रीडम (Liaki Freedom) जहाज पर कथित हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत की खबरों को फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने पूरी तरह भ्रामक बताया है। यूनियन के महासचिव मनोज यादव ने कहा कि शुक्रवार रात से इस तरह की खबरें सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित हो रही हैं, लेकिन जहाज के अधिकारियों से सीधे संपर्क करने पर ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई। विदेश मंत्रालय (MEA) भी इस दावे को खारिज कर चुका है।
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट किया कि उसने लियाकी फ्रीडम के मास्टर (कप्तान) से बातचीत की है और जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। मंत्रालय के अनुसार, हमले में भारतीय नाविकों के मारे जाने संबंधी सूचनाएं पूरी तरह गलत हैं। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऐसे दावों से सतर्क रहने की भी सलाह दी है।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में मनोज यादव ने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक कार्यरत हैं और हजारों लोग वहां विभिन्न परिस्थितियों में फंसे हुए हैं। ऐसे समय में अपुष्ट या झूठी सूचनाएं नाविकों और उनके परिवारों के बीच अनावश्यक भय और तनाव पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि गलत खबरों का असर केवल समुद्री क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि देश में रहने वाले लोगों की चिंताओं को भी बढ़ा देता है।
उन्होंने सरकार और डीजी शिपिंग से इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की मांग की। यादव के मुताबिक, मर्चेंट नेवी क्षेत्र में फिलहाल ऐसा कोई 24 घंटे सक्रिय सत्यापन तंत्र या हेल्पलाइन उपलब्ध नहीं है, जहां लोग तत्काल जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने सुझाव दिया कि एक स्थायी समन्वय समिति बनाई जाए, जो महत्वपूर्ण सूचनाओं का सत्यापन कर समय पर सही जानकारी साझा करे और फर्जी खबरों का खंडन करे।
उल्लेखनीय है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में ओमान तट के निकट लियाकी फ्रीडम पोत पर कथित हमले में भारतीयों के हताहत होने का दावा किया गया था। हालांकि विदेश मंत्रालय और जहाज के अधिकारियों ने इन दावों को निराधार बताया है। जहाज संबंधी वेबसाइट VesselTracker के अनुसार, लियाकी फ्रीडम मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला एक टैंकर पोत है।