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'मैगी में कीड़े' के वायरल दावे पर नेस्ले का जवाब, कहा- जांच में नहीं मिला संक्रमण का कोई प्रमाण

(FSSAI) एफएसएसएआई को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में संक्रमण के आरोपों को खारिज करने का दावा। कीड़ों की चर्चा से गर्म हुआ सोशल मीडिया, लैब रिपोर्ट लेकर सामने आई कंपनी।

By श्वेता सिंह

Jun 13, 2026 17:54 IST

नई दिल्लीः सोशल मीडिया पर मैगी नूडल्स (Maggi noodles) को लेकर उठे विवाद के बीच नेस्ले इंडिया (Nestle India) ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर बड़ा दावा किया है। कंपनी ने कहा है कि मैगी में कथित संक्रमण या कीड़े मिलने संबंधी आरोपों की जांच कराई गई, लेकिन परीक्षणों में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया जिससे इन दावों की पुष्टि होती हो।

कंपनी का कहना है कि स्वतंत्र और मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं द्वारा किए गए परीक्षणों में संबंधित उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित पाया गया है। साथ ही, बाजार से लिए गए नमूनों की जांच में भी गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन जैसी कोई बात सामने नहीं आई।

एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ पूरा मामला

पूरा विवाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए एक दावे से शुरू हुआ। एक गैर-सत्यापित अकाउंट ने मैगी नूडल्स (Maggi noodles) के एक पैकेट में कथित तौर पर संक्रमण होने का आरोप लगाया था। यह पोस्ट तेजी से चर्चा का विषय बनी और मामला खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण एफएसएसएआई (FSSAI) तक पहुंच गया।

इसके बाद एफएसएसएआई (FSSAI) ने तथ्यों की पुष्टि के लिए कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा। इसी संदर्भ में नेस्ले इंडिया (Nestle India) ने स्टॉक एक्सचेंजों और नियामक संस्थाओं को विस्तृत जवाब सौंपा है।

शिकायतकर्ता से संपर्क की कोशिश, लेकिन नहीं मिला सहयोग

नेस्ले इंडिया (Nestle India) के अनुसार, जिस व्यक्ति या अकाउंट ने यह दावा किया था, उससे संपर्क करने के प्रयास किए गए, लेकिन कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। कंपनी ने यह भी कहा कि अब तक शिकायतकर्ता की ओर से उत्पाद का कोई नमूना परीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है।

कंपनी का दावा है कि आरोप लगाने वाले पक्ष से तथ्यात्मक सहयोग नहीं मिलने के बावजूद उसने स्वयं मामले की गहन जांच कराई ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

बैच रिकॉर्ड से लेकर बाजार तक हुई जांच

विवाद सामने आने के बाद कंपनी ने केवल संबंधित उत्पादन बैच के रिकॉर्ड की समीक्षा ही नहीं की, बल्कि उस बैच के संरक्षित संदर्भ नमूनों की भी जांच कराई।

नेस्ले के मुताबिक, संदर्भ नमूने को ऐसी स्वतंत्र प्रयोगशाला में भेजा गया जिसे एफएसएसएआई द्वारा अधिसूचित किया गया है और जिसे राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) की मान्यता प्राप्त है।

जांच रिपोर्ट में उत्पाद को संक्रमण मुक्त पाया गया। इसके बाद कंपनी ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए बाजार में उपलब्ध नमूनों का भी परीक्षण कराया। इन सभी नमूनों में भी गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन पाया गया।

स्टॉक एक्सचेंजों को भी दी गई जानकारी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नेस्ले इंडिया ने राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को भी स्थिति स्पष्ट की है। यह जवाब उन मीडिया रिपोर्टों के बाद दिया गया, जिनमें सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया था।

कंपनी ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि उपलब्ध सभी वैज्ञानिक प्रमाण आरोपों को खारिज करते हैं और उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है।

एफएसएसएआई को सौंपे गए परीक्षण रिकॉर्ड

नेस्ले इंडिया ने बताया कि उसने नियामक संस्था को विस्तृत दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। इनमें उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े गुणवत्ता रिकॉर्ड, संबंधित बैच की जानकारी, बाजार से लिए गए नमूनों के परीक्षण परिणाम और प्रयोगशाला रिपोर्ट शामिल हैं।

कंपनी का कहना है कि उसने पूरे मामले में पूर्ण पारदर्शिता बरती है और जांच एजेंसियों के साथ हर आवश्यक जानकारी साझा की है।

गुणवत्ता नियंत्रण पर कंपनी का भरोसा

अपने बयान में नेस्ले इंडिया ने कहा कि उसके सभी विनिर्माण संयंत्रों में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली लागू है। उत्पादन के हर चरण में निर्धारित मानकों का पालन किया जाता है और नियमित रूप से गुणवत्ता परीक्षण किए जाते हैं।

कंपनी का मानना है कि वैज्ञानिक जांच और दस्तावेजी प्रमाण अंततः यह साबित करेंगे कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं थे।

ब्रांड प्रतिष्ठा पर सोशल मीडिया का बढ़ता असर

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में किसी भी उपभोक्ता ब्रांड के लिए सोशल मीडिया पर उठे सवाल बड़ी चुनौती बन सकते हैं। खासकर ऐसे उत्पादों के मामले में जो करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की पसंद का हिस्सा हों।

मैगी भारत के सबसे लोकप्रिय खाद्य ब्रांडों में गिनी जाती है। ऐसे में किसी भी वायरल दावे का असर उपभोक्ताओं के भरोसे पर पड़ सकता है। हालांकि कंपनी का कहना है कि उपलब्ध जांच रिपोर्ट और गुणवत्ता परीक्षण उसके उत्पाद की सुरक्षा और विश्वसनीयता की पुष्टि करते हैं।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नियामक संस्थाएं उपलब्ध तथ्यों और परीक्षण रिपोर्टों की समीक्षा के बाद क्या निष्कर्ष निकालती हैं। फिलहाल नेस्ले इंडिया का दावा है कि मैगी पूरी तरह सुरक्षित है और आरोपों को समर्थन देने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है।

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