ट्यूनिस : फीफा विश्व कप 2026 में निराशाजनक शुरुआत के बाद ट्यूनीशिया फुटबॉल महासंघ ने बड़ा फैसला लेते हुए राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच सबरी लामौची को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह फ्रांस के ही अनुभवी कोच हर्वे रेनार को टीम की कमान सौंपी गई है।
सबरी लामौची की विदाई ऐसे समय हुई है जब ट्यूनीशिया को विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में स्वीडन के खिलाफ 1-5 की भारी हार का सामना करना पड़ा। इस करारी शिकस्त ने टीम के प्रदर्शन और कोचिंग स्टाफ दोनों पर सवाल खड़े कर दिए थे।
ट्यूनीशिया फुटबॉल महासंघ (टीएफटी) ने इंस्टाग्राम पर जारी एक आधिकारिक बयान में हर्वे रेनार की नियुक्ति की पुष्टि की। महासंघ ने बताया कि रेनार को वर्ष 2026 विश्व कप अभियान की समाप्ति तक राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। वह तत्काल प्रभाव से अपना कार्यभार संभालेंगे।
टीएफटी ने अपने बयान में कहा, “ट्यूनीशिया फुटबॉल महासंघ राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के रूप में हर्वे रेनार की नियुक्ति की घोषणा करता है। उनका कार्यकाल 2026 विश्व कप के अंत तक रहेगा। वह आज शाम से ही अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे और मौजूदा वित्तीय शर्तों के तहत काम करेंगे। इसके अलावा विश्व कप अभियान समाप्त होने के बाद टीम के प्रदर्शन और निर्धारित खेल लक्ष्यों के आधार पर दीर्घकालिक सहयोग को लेकर बातचीत शुरू की जाएगी।”
इससे पहले महासंघ ने एक अलग बयान जारी कर सबरी लामौची के साथ अनुबंध समाप्त करने की जानकारी दी थी। महासंघ ने बताया कि दोनों पक्षों की आपसी सहमति से यह निर्णय लिया गया है।
टीएफटी ने कहा, “ट्यूनीशिया फुटबॉल महासंघ मुख्य कोच सबरी लामौची के साथ अपने अनुबंध संबंध को आपसी सहमति से समाप्त करने की घोषणा करता है और उनके भविष्य के पेशेवर जीवन के लिए शुभकामनाएं देता है।”
ट्यूनीशिया का विश्व कप अभियान रविवार को स्वीडन के खिलाफ मुकाबले से शुरू हुआ था। इस मैच में उत्तर अफ्रीकी टीम की रक्षापंक्ति पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई। स्वीडन के खिलाड़ियों ने लगातार हमले करते हुए ट्यूनीशियाई रक्षा को कई बार भेदा और मुकाबले को एकतरफा बना दिया।
स्वीडन की ओर से यासिन अयारी ने दो गोल दागे। इसके अलावा अलेक्जेंडर इसाक, विक्टर ग्योकेरेस और मटियास स्वानबर्ग ने भी एक-एक गोल कर टीम की बड़ी जीत सुनिश्चित की।
दूसरी ओर ट्यूनीशिया की ओर से केवल उमर रेकीक ही गोल करने में सफल रहे। उन्होंने मैच के 43वें मिनट में टीम के लिए एकमात्र गोल किया, लेकिन वह हार का अंतर कम करने से अधिक कुछ नहीं कर सके।
स्वीडन के खिलाफ 1-5 की यह हार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्यूनीशिया के सबसे खराब परिणामों में से एक मानी जा रही है। इसी के बाद टीम प्रबंधन ने विश्व कप अभियान के बीच में ही कोचिंग बदलाव का फैसला लिया।
अब सभी की नजरें हर्वे रेनार पर होंगी, जिनके सामने विश्व कप के शेष मुकाबलों में ट्यूनीशिया को संभालने और टीम के प्रदर्शन में सुधार लाने की बड़ी चुनौती होगी।