लॉस एंजिलिस : फीफा विश्व कप के इतिहास में 68 वर्षों बाद ऐसा दुर्लभ रिकॉर्ड देखने को मिला, जब एक ही दिन खेले गए चार मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इससे पहले 15 जून 1958 को ऐसा हुआ था, जब एक ही दिन खेले गए आठ मैचों में चार मुकाबले बराबरी पर समाप्त हुए थे।
इस ऐतिहासिक दिन का पहला मुकाबला अटलांटा में खेला गया, जहां विश्व कप में पहली बार हिस्सा ले रही केप वर्डे की टीम ने टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया की दूसरे नंबर की टीम और मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया।
स्पेन के पास लामिन यामाल, पेड्री, फैबियन रुइज और अन्य कई स्टार खिलाड़ी मौजूद थे, लेकिन केप वर्डे की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उनकी एक नहीं चली। पूरे मुकाबले में केप वर्डे ने शानदार रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन किया और स्पेन को गोल करने का कोई अवसर नहीं दिया। इस परिणाम को मौजूदा विश्व कप के सबसे बड़े आश्चर्यों में से एक माना जा रहा है।
दिन का दूसरा मुकाबला सिएटल में खेला गया, जहां मिस्र अपनी पहली विश्व कप जीत के बेहद करीब पहुंच गया था। मैच की शुरुआत में ही इमाम आशूर ने गोल कर मिस्र को बढ़त दिला दी थी। ऐसा लग रहा था कि मिस्र इतिहास रच देगा, लेकिन बेल्जियम के स्टार स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू ने मैदान पर उतरने के एक मिनट के भीतर ऐसा दबाव बनाया कि मिस्र के खिलाड़ी से आत्मघाती गोल हो गया और मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
तीसरा मुकाबला मियामी में उरुग्वे और सऊदी अरब के बीच खेला गया। दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। मैच के 80वें मिनट में मैक्सिमिलियानो अराउजो ने गोल करके उरुग्वे को हार से बचाया और मुकाबला 1-1 से ड्रॉ हो गया।
इस परिणाम के बाद ग्रुप एच की स्थिति बेहद रोचक हो गई है। स्पेन, केप वर्डे, उरुग्वे और सऊदी अरब चारों टीमों के खाते में एक-एक अंक है और सभी बराबरी पर हैं।
दिन का चौथा और अंतिम मुकाबला लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में दोनों टीमों ने शानदार संघर्ष किया और मैच 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
न्यूजीलैंड ने मुकाबले में दो बार बढ़त हासिल की, लेकिन ईरान ने हर बार वापसी करते हुए हार टाल दी। अंततः दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा।
ग्रुप जी में अब अगला मुकाबला ईरान और बेल्जियम के बीच खेला जाएगा। यह मैच भी लॉस एंजिलिस में आयोजित होगा। वहीं न्यूजीलैंड की टीम वैंकूवर में मिस्र का सामना करेगी।
न्यूजीलैंड के लिए यह विश्व कप फाइनल्स में तीसरी उपस्थिति है, लेकिन टीम अब तक सात मुकाबले खेलने के बावजूद एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है। दूसरी ओर ईरान की टीम पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने का सपना लेकर मैदान में उतरी है और उसकी कोशिश इस बार इतिहास रचने की होगी।
एक ही दिन चार मुकाबलों का ड्रॉ पर समाप्त होना विश्व कप इतिहास में बेहद दुर्लभ घटना माना जा रहा है। यही कारण है कि 68 साल बाद बना यह रिकॉर्ड फुटबॉल जगत में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।