यह मुकाबला ‘डेविड बनाम गोलियत’ का था। एक तरफ चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी थी तो दूसरी तरफ पहली बार विश्व कप में जगह बनाने वाला लगभग डेढ़ लाख की आबादी वाला देश क्युरासाओ। रविवार (14 जून) की सुबह ब्राजील को मोरक्को ने रोक दिया था जबकि ऑस्ट्रेलिया ने तुर्की को हरा दिया था।
ऐसे में मैनुएल नॉयर, जोशुआ किमिच और काई हावर्ट्ज जैसे सितारों से सजी टीम के खिलाफ क्या क्युरासाओ अपने पहले ही विश्व कप मैच में कोई बड़ा उलटफेर कर पाएगा - फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें इसी बात पर टिकी हुई थी।
हालांकि यह सपना पूरा नहीं हो सका। क्युरासाओ को अपने पहले ही मैच में करारा ‘रियलिटी चेक’ मिला। जर्मनी ने 7-1 के बड़े अंतर से जीत दर्ज करते हुए अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत की। इस मुकाबले में काई हावर्ट्ज़ ने दो गोल किए जबकि जमाल मुसियाला और एनमेचा ने भी स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया।
हालांकि हार के बावजूद क्युरासाओ ने इतिहास रच दिया क्योंकि उन्होंने अपने पहले विश्व कप मैच में अपना पहला गोल किया और फुटबॉल प्रेमियों का दिल जीत लिया।
शुरुआत से ही जर्मनी रहा आक्रामक
मैच की शुरुआत से ही जर्मनी ने मिडफील्ड पर कब्जा जमाए रखा और लगातार आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने बार-बार मिडफील्ड के जरिए हमले बनाकर क्युरासाओ की डिफेंस लाइन पर दबाव बनाए रखा। कभी-कभी दोनों विंग्स का भी इस्तेमाल किया गया।
खासकर ब्राउन लगातार ओवरलैप करते हुए क्युरासाओ के बॉक्स में घुसपैठ करते रहे। मैच के 6वें मिनट में ही जर्मनी ने बढ़त बना ली। फ्लोरियन विर्ट्ज के साथ शानदार वन-टू खेलते हुए फेलिक्स एनमेचा ने गोल दागा।
क्युरासाओ का जवाब
एक गोल से पिछड़ने के बावजूद क्युरासाओ ने हार नहीं मानी। उन्होंने विंग स्विच करते हुए जर्मनी की डिफेंस में जगह बनाने की कोशिश की। नॉयर ने एक शानदार सेव भी किया, लेकिन जर्मन डिफेंडर गेंद को पूरी तरह क्लियर नहीं कर पाए। रीबाउंड पर जोरदार शॉट लगाकर लिवानो कोमेनेंसिया ने गोल दागा।
यह गोल क्युरासाओ का विश्व कप में पहला गोल था जिसके बाद स्टेडियम में मौजूद उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। एक पल के लिए तो ऐसा लग रहा था कि यह छोटा सा देश भी कोई बड़ा उलटफेर कर सकता है।
हालांकि 2018 में मैक्सिको और 2022 में जापान के खिलाफ शुरुआती मैच हारने की यादें अभी भी जर्मन खिलाड़ियों के मन में ताजा थीं। लेकिन क्युरासाओ का यह जश्न ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। इसके बाद जर्मनी ने एक के बाद एक लगातार हमले शुरू कर दिए। 38वें मिनट में कॉर्नर से मिले मौके पर हेडर लगाकर निको श्लोटरबेक ने गोल किया और जर्मनी को बढ़त दिला दी।
कुछ ही देर बाद पेनल्टी से गोल दागते हुए काई हावर्ट्ज ने जर्मनी को 3-1 से आगे कर दिया।
जर्मनी का दबदबा
इसी स्कोरलाइन के साथ जूलियन नागेल्समैन की टीम दूसरे हाफ में मैदान पर उतरी। इस बार उन्होंने क्युरासाओ को कोई मौका नहीं दिया। दूसरे हाफ की शुरुआत के सिर्फ 69 सेकंड के अंदर ही जमाल मुसियाला ने गोल दाग दिया। यहीं से मैच का रुख पूरी तरह तय हो गया।
जर्मन खिलाड़ियों ने लगातार हमलों से क्युरासाओ की टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। 5वां गोल लेफ्ट बैक नाथानिएल ब्राउन ने किया। इसके बाद सब्स्टीट्यूट के तौर पर आए उन्दाव ने 78वें मिनट में टीम का छठा गोल किया। निर्धारित समय खत्म होने से दो मिनट पहले काई हावर्ट्ज ने गोल दागकर क्युरासाओ की हार पर अंतिम मुहर लगा दी। इस गोल के साथ उन्होंने लगातार तीसरे विश्व कप में गोल करने का रिकॉर्ड भी बना दिया।
2002 विश्व कप में जर्मनी ने सऊदी अरब को 8-0 से हराया था। उस ऐतिहासिक जीत का रिकॉर्ड तो नहीं टूट सका लेकिन 7-1 से जीत के साथ जर्मनी ने अपने विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत की। वहीं हारने के बावजूद क्युरासाओ ने फुटबॉल प्रेमियों का दिल जीत लिया।