रायपुर : छत्तीसगढ़ के बालोदाबाजार-भाटापारा जिले के एक गांव में पिछले चार महीनों के दौरान आठ पुरुषों की मौत के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि शराब के साथ किसी विषैले पदार्थ का सेवन कराए जाने से ये मौतें हुई होंगी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि ये सभी मौतें फरवरी से मई के बीच कसडोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खरवे गांव में हुई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को एक मृतक का शव कब्र से निकालकर विस्तृत जांच के लिए भेजा गया।
उप पुलिस अधीक्षक, कसडोल, कौशल किशोर वासनिक ने बताया कि ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने पिछले सप्ताह इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पूछताछ और तथ्यों के विश्लेषण में कुछ संदिग्ध परिस्थितियां सामने आई हैं। प्रारंभिक रूप से मामला संदेहास्पद प्रतीत हो रहा है, जिसके आधार पर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है।
जांच के तहत सबसे हाल ही में मृत व्यक्ति महेतरू साहू का शव भी शनिवार को कब्र से निकाला गया और उसे फॉरेंसिक एवं विष विज्ञान जांच के लिए भेजा गया। उनकी मृत्यु 14 मई को हुई थी।
अधिकारियों के अनुसार साहू की मृत्यु के बाद चिकित्सकों ने परिवार को पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी थी, लेकिन परिवार ने उस समय मृत्यु के कारण पर कोई संदेह न जताते हुए पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया और अंतिम संस्कार कर दिया था।
उप पुलिस अधीक्षक कौशल किशोर वासनिक ने कहा कि “फॉरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारण का पता चलेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रामीणों ने गांव में एक किराना दुकान चलाने वाले व्यक्ति पर संदेह जताया है, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मृतकों ने अपनी मौत से पहले उसी दुकान संचालक से मुलाकात की थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या शराब, पानी, शीतल पेय या भोजन में किसी हानिकारक पदार्थ को मिलाया गया था।
शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सभी आठ पुरुषों की मौत शराब में मिलाए गए किसी नशीले या जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद हुई। उन्होंने एक अन्य व्यक्ति कार्तिक कुम्हार का उदाहरण भी दिया है, जिसने कथित रूप से वही पदार्थ लिया था लेकिन उल्टी होने के कारण उसकी जान बच गई।
शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह पदार्थ इतना घातक था कि पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी और उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने कहा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने नहीं आती किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा।