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तृणमूल सांसद सौगत राय का दावा, भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ कुछ हद तक सफल

बागी सांसदों के भविष्य को लेकर जताई अनिश्चितता, संगठन मजबूत करने के लिए नई नियुक्तियों का ऐलान।

By शिखा सिंह

Jun 14, 2026 16:54 IST

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी राजनीतिक उठापटक के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद सौगत राय ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपनी कथित ‘ऑपरेशन लोटस’ रणनीति के जरिए तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश कर रही है और हाल के दल-बदल उसी रणनीति का नतीजा हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में सौगत राय ने कहा कि भाजपा लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस को अस्थिर करने के प्रयास में लगी हुई है। उनके अनुसार, पार्टी के नेताओं और सांसदों को विभिन्न तरीकों से प्रभावित कर संगठन में टूट पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

सौगत राय ने कहा, “यह भाजपा के लगातार चल रहे ऑपरेशन लोटस का हिस्सा है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के लोगों को प्रलोभन दिया और उन पर दबाव भी बनाया। जो लोग कमजोर थे, जिनके सिद्धांत मजबूत नहीं थे या जिनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता दृढ़ नहीं थी, वे पार्टी छोड़कर चले गए।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा की यह रणनीति भारतीय लोकतंत्र की भावना के विपरीत है और कुछ मामलों में उसे सफलता भी मिली है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बागी सांसदों का भविष्य क्या होगा, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट स्थिति नहीं है।

उनका कहना था कि मुझे नहीं पता कि भाजपा उन्हें अपने साथ शामिल करेगी या नहीं। इस बारे में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वे लोग कह रहे हैं कि संसद में अलग ब्लॉक बनाकर बैठेंगे।

सौगत राय की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर मतभेदों और संभावित राजनीतिक पुनर्संरेखण को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। पार्टी के कुछ सांसदों के अलग रुख अपनाने और संसद में अलग समूह बनाने की अटकलों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

इससे पहले शनिवार को सौगत राय ने कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद संगठनात्मक स्तर पर कई नई नियुक्तियों की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं से खाली हुए पदों को भरने के लिए नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी क्रम में अर्नब बनर्जी को तृणमूल यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं विधायक कुणाल घोष को उत्तर कोलकाता संगठनात्मक जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन नियुक्तियों से संगठन को मजबूती मिलेगी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।

इस बीच पश्चिम बंगाल सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी सक्रिय है। सूत्रों के अनुसार हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच के सिलसिले में रविवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और विधायक कुणाल घोष से पूछताछ की जा सकती है।

यह जांच उस दस्तावेज से जुड़ी है जिसे पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष को विपक्ष के नेता के रूप में शोभनदेव चट्टोपाध्याय की नियुक्ति के लिए प्रस्तुत किया गया था। आरोप है कि उस दस्तावेज में हस्ताक्षरों को लेकर अनियमितताएं और विसंगतियां सामने आई हैं।

तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक घटनाक्रम और साथ ही हस्ताक्षर विवाद की जांच ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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