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हुगली के पांडुआ में सरकारी संपत्ति चोरी का विवाद, तृणमूल नेता पर पुलिस कार्रवाई

शिकायत के बाद घर में छापेमारी कर मिलीं सरकारी बाल्टियां, पांडुआ पुलिस ने एक सहयोगी दिलीप विश्वास को भी किया गिरफ्तार।

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के पांडुआ क्षेत्र में सरकारी संपत्ति की कथित चोरी के मामले में तृणमूल कांग्रेस की एक पंचायत उपप्रधान को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ग्राम पंचायत से बड़ी संख्या में सरकारी बाल्टियां हटाकर उन्हें एक निजी घर में छिपाकर रखा गया था। इस मामले में पुलिस ने उपप्रधान के साथ एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार की गई उपप्रधान का नाम स्वप्ना मंडल है, जो सराइतिन्ना ग्राम पंचायत की उपप्रधान हैं। उनके साथ दिलीप विश्वास नामक व्यक्ति को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। दोनों आरोपियों को रविवार को चूंचूड़ा अदालत में पेश किया गया।

हालांकि स्वप्ना मंडल ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और उन्होंने किसी भी सरकारी बाल्टी की चोरी नहीं की है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार शनिवार को पांडुआ के सराइतिन्ना जगन्नाथपाड़ा क्षेत्र निवासी स्वपन दास नामक एक व्यक्ति ने पांडुआ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने सराइतिन्ना ग्राम पंचायत की उपप्रधान स्वप्ना मंडल और दिलीप विश्वास के खिलाफ आरोप लगाए। दोनों आरोपियों का निवास भी उसी पंचायत के जगन्नाथपाड़ा इलाके में बताया गया है।

शिकायतकर्ता स्वपन दास का आरोप है कि उपप्रधान स्वप्ना मंडल ने पंचायत की बड़ी संख्या में सरकारी कूड़ा संग्रहण और अपशिष्ट प्रबंधन में उपयोग होने वाली बाल्टियों को पंचायत कार्यालय से हटाकर दिलीप विश्वास के घर में रखवा दिया था। शिकायत में यह भी कहा गया कि इन बाल्टियों को बाद में बेचने की योजना बनाई जा रही थी। आरोप मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित स्थान पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया।

पुलिस की तलाशी के दौरान दिलीप विश्वास के घर से कुल 140 सरकारी बाल्टियां बरामद की गईं। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकारी संपत्ति की चोरी के आरोप में स्वप्ना मंडल और दिलीप विश्वास को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बरामद की गई बाल्टियां पंचायत की संपत्ति थीं या नहीं, उन्हें वहां तक कैसे पहुंचाया गया और क्या इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भी भूमिका है।

हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में तृणमूल कांग्रेस के कुछ जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बाल्टियां, तिरपाल और अन्य राहत सामग्री के कथित दुरुपयोग या चोरी के आरोप सामने आए हैं। पांडुआ की यह घटना भी उसी क्रम में चर्चा का विषय बन गई है।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और बरामद सामग्री तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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