भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए पहाड़ों का रुख करने की योजना बना रहे हैं? ऑफिस से न तो आपको ज्यादा दिनों की छुट्टी मिल सकती है और बच्चों का भी स्कूल अब खुलने वाला है या खुल चुका है? तो क्यों न पास में ही मौजूद दार्जिलिंग का एक छोटा सा ट्रिप कर लें।
दार्जिलिंग की ताजी हवा न सिर्फ आपको उमस वाली गर्मी से थोड़ी राहत देगी बल्कि अगले कुछ समय के लिए तरोताजा भी बना देगी। इस बार जब दार्जिलिंग जाएं तो टॉय ट्रेन की सवारी जरूर करें। हम दावे के साथ कह सकते हैं कि बच्चों से लेकर बड़ों को भी टॉय ट्रेन की सवारी जरूर पसंद आएगी। अगर ज्यादा दूर तक कहीं जाने का मन न हो तो दार्जिलिंग से घूम तक की लूप टॉय ट्रेन जॉय राइड का अनुभव तो किया ही जा सकता है।
बता दें, घूम स्टेशन भारत में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित रेलवे स्टेशन है। इसलिए एक बार इसे जरूर अनुभव करें।
आइए आपको दार्जिलिंग टॉय ट्रेन की जॉय राइड के बारे में विस्तार से बताते हैं -
लूप टॉय ट्रेन से लगाए एक छोटा चक्कर
अगर आप टॉय ट्रेन से घूमने में ज्यादा समय खर्च नहीं करना चाहते तो एक छोटी सी जॉय राइड तो की ही जा सकती है। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की जॉय राइड दार्जिलिंग-घूम-दार्जिलिंग के बीच करवायी जाती है।
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कभी पहाड़ी रास्तों से होकर, कभी दार्जिलिंग शहर के बीच से होकर और कभी चाय के बगानों के सुन्दर नजारों के बीच से होकर गुजरती टॉय ट्रेन आपको बिल्कुल पुराने जमाने की याद दिलाएगा। लूप टॉय ट्रेन का सफर महज 2 घंटे का होता है जिसमें खाने-पीने के लिए भी समय दिया जाता है।
The mesmerizing Darjeeling Toy Train😠pic.twitter.com/e0lBMC7ln5
— Colours of The world (@ColoursOfWorld1) November 10, 2023
कैसे बुक करें टिकट?
दार्जिलिंग टॉय ट्रेन की टिकट ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बुक की जा सकती है। ऑनलाइन माध्यम से टिकट बुक करने के लिए भारतीय रेलवे के आधिकारिक वेबसाइट IRCTC पर जाएं। अगर आप चाहे तो ऑफलाइन माध्यम से भी टिकट की बुकिंग कर सकते हैं।
इसके लिए दार्जिलिंग टॉय ट्रेन स्टेशन के काउंटर से टिकट की बुकिंग की जा सकती है। लेकिन यहां एक समस्या यह हो सकती है कि अगर भीड़ अधिक हुई तो टिकट अनुपलब्ध भी हो सकता है। इसलिए घूमने जाने से एक दिन पहले ऑनलाइन माध्यम से टिकट की बुकिंग करके रखना ही समझदारी का विकल्प हो सकता है।
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कितना किराया - डीजल इंजन : ₹1000, स्टिम इंजन : ₹1500
क्या है दोनों इंजन के फायदे और नुकसान?
डीजल और स्टिम इंजन के अपने-अपने अलग अनुभव हैं और दोनों के ही अलग फायदे और नुकसान भी हैं। सबसे पहला अंतर किराए में है। डीजल जहां थोड़ा सस्ता है वहीं स्टिम इंजन वाली टॉय ट्रेन का किराया ज्यादा है। लेकिन छुकछुक कर चलती स्टिम इंजन आपको पुराने जमाने वाला अनुभव करवाने के साथ-साथ नॉस्टैल्जिक फील भी करवाता है।
हालांकि स्टिम इंजन से निकलने वाली राख, धुआं और कोयले के कण आपको थोड़ा परेशान भी कर सकते हैं। वहीं डीजल इंजन में विस्टाडोम कोच का आनंद मिलेगा। इसलिए आपको कौन सा अनुभव चाहिए, यह आप पर खुद ही निर्भर करता है...नॉस्टैल्जिक फील या फिर अत्याधुनिक विस्टाडोम कोच का रोमांच!
नोट - आप चाहे तो डीजल इंजन ट्रेन ही बुक कर सकते हैं और फोटो के लिए किसी भी स्टीम इंजन वाली ट्रेन के सामने खड़े होकर क्लिक करवा सकते हैं।
एंजॉय करें हरियाली और प्राकृतिक नजारा
दार्जिलिंग-घूम-दार्जिलिंग जॉय राइड ट्रेन का सफर 2 घंटे का होता है। दार्जिलिंग से खुलकर ट्रेन बताशिया लूप पहुंचती है। यहां ट्रेन का लगभग 15 मिनट का स्टॉपेज होता है। फिर अगला स्टॉपेज घूम स्टेशन होगा जहां ट्रेन 20 मिनट रुकेगी। यहां आप नाश्ता करके चाय की चुस्कियां भी भर सकते हैं। फिर से ट्रेन घूम स्टेशन से खुलेगी जो आपको दार्जिलिंग पहुंचा देगी।
The incredible Toy Train, Darjeeling Himalayan Railway, West Bengal 🇮🇳 pic.twitter.com/mpdCJ6tQ65
— Colours of The world (@ColoursOfWorld1) September 25, 2022
कौन सा समय होगा बेस्ट?
अगर आप सुबह के समय ट्रेन बुक करते हैं तो उस समय भीड़ थोड़ा कम होने की संभावना है। दिन चढ़ने के साथ-साथ भीड़ भी बढ़ने लगती है। लेकिन बात अगर व्यू की करें तो सुबह या फिर शाम के समय की बुकिंग बेस्ट होगी। अगर आप व्लॉगिंग करते हैं तो इस समय का नजारा निश्चित रूप से आपके दर्शकों को भी खुब लुभाएगी।
अधिक जानकारी के लिए आप IRCTC के आधिकारिक वेबसाइट पर Hill Railwasys वाले सेक्शन में दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे पर जाकर देख सकते हैं।