लखनऊः उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में मिले दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह निर्णय श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर लिया गया है।
एसआईटी (SIT) में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत (IAS), पुलिस महानिरीक्षक किरण एस (IPS) और वित्त विभाग की विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। सरकार ने टीम को जल्द से जल्द प्रारंभिक और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मामला तब सुर्खियों में आया जब समाजवादी पार्टी नेता पवन पांडे ने आरोप लगाया कि मंदिर में आए दान में करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये की अनियमितता हुई है। इसके बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए न्यायिक जांच की आवश्यकता बताई और सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की।
विपक्षी दलों की ओर से उठे इन सवालों के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद संजय राउत ने भी केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाए। वहीं, अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर बयान देते हुए इस स्थिति को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
हालांकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वित्तीय लेन-देन पूरी तरह रिकॉर्ड और पारदर्शी तरीके से किए जाते हैं। ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने भी कहा कि दान प्रबंधन में किसी तरह की गड़बड़ी के प्रमाण नहीं मिले हैं।
सरकार का कहना है कि एसआईटी जांच के बाद तथ्यों के आधार पर पूरी स्थिति स्पष्ट होगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।