नयी दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस के नाइस शहर पहुंचे, जहां वे जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने वाले हैं। यह दौरा भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक सहयोग को और गहराई देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह उनके पांच दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे का पहला चरण है।
नाइस कोट द’अज़ूर हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री का स्वागत फ्रांस के शिक्षा मंत्री एडुआर्ड जिओफ्रे, उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट, भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मथो और नाइस के मेयर एरिक सिओती सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। आगमन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह यात्रा भारत के प्रमुख विकास साझेदारों के साथ संबंधों को और मजबूत करने का अवसर है तथा वे नाइस, एवीयन और पेरिस में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
A memorable welcome from the Indian community in Nice.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 13, 2026
Though they may be several kilometres away from home, the bond of our diaspora with India remains as strong as ever. pic.twitter.com/CGEkEWyjLV
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच भारत–फ्रांस संबंधों की व्यापक समीक्षा की जाएगी, जिसे हाल ही में ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा मिला है। दोनों नेता मिलकर ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे, जिसमें भारत और फ्रांस समेत कई देशों के स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स भाग लेंगे। यह पहल नवाचार और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वर्ष 2026 को ‘इननोवेशन ईयर’ के रूप में मनाया जा रहा है और यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी को नई दिशा देगा। इस मंच पर भारत की स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।
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नाइस में प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय प्रवासी समुदाय ने भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लहराते हुए और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए होटल के बाहर जुटे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कथक, ओडिसी और भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुतियां भी देखने को मिलीं, जिनमें फ्रांस और यूरोप के कलाकारों ने भी भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विदेश में बसे भारतीयों का भारत से जुड़ाव बेहद मजबूत है।
नाइस सिटी हॉल में भारतीय तिरंगा भी फहराया गया, जो किसी विदेशी नेता के सम्मान में एक विशेष सम्मान माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जी-7 में भारत की उपस्थिति अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विश्वास और देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाती है।
इसके बाद प्रधानमंत्री स्लोवाकिया की यात्रा करेंगे और फिर पेरिस लौटकर वाइवाटेक 2026 में हिस्सा लेंगे, जहां भारत सबसे बड़े राष्ट्रीय पवेलियन के साथ शामिल होगा। इस पूरे दौरे में वैश्विक सहयोग, नवाचार, आर्थिक विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।