नई दिल्लीः ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर की एक रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक की 6 प्रतिशत की ऊपरी सीमा को भी पार कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार एल नीनो के प्रभाव और भू-राजनीतिक तनावों के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे खाद्य और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में तेजी आ सकती है।
कमजोर मानसून और जल भंडारण चिंता का कारण
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय मौसम विभाग और स्काईमेट दोनों ने इस मानसून में एल नीनो की संभावना जताई है। भारतीय मौसम विभाग ने दीर्घकालिक औसत वर्षा का 90 प्रतिशत और स्काईमेट ने 94 प्रतिशत वर्षा का अनुमान लगाया है। जून में वर्षा 92 प्रतिशत रहने की संभावना है, जबकि अगस्त में मानसून और कमजोर पड़ सकता है।
कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी का अनुमान
विश्लेषण के अनुसार उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में वर्षा की कमी की आशंका अधिक है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रह सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत कम है।
गर्मी और कच्चे तेल की कीमतों का असर
फर्म का मानना है कि भीषण गर्मी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने का जोखिम है। इसके अलावा कच्चे तेल से जुड़े खर्च और वैश्विक आपूर्ति संबंधी चुनौतियां भी महंगाई पर अतिरिक्त दबाव बना सकती हैं।