नीस (फ्रांस) : फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि चंद्रयान-3 मिशन देश की नवाचार क्षमता, अनुसंधान कौशल और औद्योगिक क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस मिशन ने दुनिया के सामने भारत की नई पहचान स्थापित की है और उसे वैश्विक नवाचार के प्रमुख केंद्रों में शामिल किया है।
‘भारत इनोवेट्स 2026’ में भारत-फ्रांस साझेदारी पर जोर
नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मैक्रों ने कहा कि फ्रांस भारत को स्वाभाविक नवाचार साझेदार के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।
जनसंख्या और प्रतिभा को बताया भारत की बड़ी ताकत
मैक्रों ने कहा कि 1.4 अरब की आबादी वाला भारत अपनी शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास की क्षमता के कारण दुनिया के सबसे बड़े प्रतिभा केंद्रों में से एक बन चुका है। भारत हर वर्ष बड़ी संख्या में इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ तैयार कर रहा है, जो उसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।
चंद्रयान-3 मिशन का विशेष उल्लेख
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि भारत की क्षमता का एक उदाहरण देना हो तो अंतरिक्ष क्षेत्र सबसे उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2023 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नेतृत्व में संचालित चंद्रयान-3 मिशन ने रिकॉर्ड समय और अपेक्षाकृत कम लागत में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट पहली सफल सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रचा। यह उपलब्धि भारत की तकनीकी दक्षता और नवाचार क्षमता को दर्शाती है।
बदली दुनिया की नजर में भारत की छवि
मैक्रों के अनुसार चंद्रयान-3 की सफलता के बाद दुनिया भारत को केवल आउटसोर्सिंग सेवाओं के केंद्र के रूप में नहीं देखती, बल्कि उसे नई तकनीकों और परिवर्तनकारी नवाचारों का नेतृत्व करने वाले देश के रूप में पहचान रही है। भारत आज वैश्विक तकनीकी प्रगति को दिशा देने वाले देशों में शामिल है।
स्टार्टअप और निवेशकों को जोड़ रहा सम्मेलन
14 से 16 जून तक चलने वाला ‘भारत इनोवेट्स 2026’ सम्मेलन भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप, नवप्रवर्तकों, निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शिक्षण संस्थानों को एक मंच पर ला रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय नवाचारों को वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत से जोड़ना तथा तकनीक आधारित सहयोग को नई गति देना है।
चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक उपलब्धि
चंद्रयान-3 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का ऐतिहासिक चंद्र मिशन है। 14 जुलाई 2023 को प्रक्षेपित इस मिशन ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग की थी। इसके साथ ही भारत चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश और दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र तक पहुंचने वाला पहला देश बन गया।