🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

फीफा विश्व कप में मिस्र की जर्सी से हटेंगे AFCON के सात सितारे

फीफा नियमों के तहत केवल विश्व कप खिताबों के प्रतीक ही जर्सी पर दिखाए जा सकते हैं।

By रजनीश प्रसाद

Jun 14, 2026 17:21 IST

न्यू जर्सी (अमेरिका) : फीफा विश्व कप 2026 के दौरान मिस्र की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम अपनी जर्सी पर अफ्रीका कप ऑफ नेशंस (एएफकॉन) की सात खिताबी जीत का प्रतीक बने सात सितारों को प्रदर्शित नहीं करेगी। मिस्र फुटबॉल संघ (ईएफए) ने इसकी पुष्टि की है। यह बदलाव फीफा के विश्व कप नियमों के अनुरूप किया जा रहा है जिसके तहत राष्ट्रीय टीमें अपनी जर्सी पर केवल फीफा विश्व कप में जीती गई ट्रॉफियों के प्रतीक सितारे ही लगा सकती हैं।

मिस्र की टीम परंपरागत रूप से अपने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न के ऊपर सात सितारे लगाती रही है। ये सितारे टीम द्वारा जीते गए रिकॉर्ड सात अफ्रीकी महाद्वीपीय खिताबों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हालांकि विश्व कप के लिए लागू विशेष नियमों के कारण इस बार खिलाड़ियों की जर्सी पर ये सितारे दिखाई नहीं देंगे।

मिस्र फुटबॉल संघ के मीडिया अधिकारी मोहम्मद मोराद थाबेत ने बताया कि फीफा ने टूर्नामेंट शुरू होने से लगभग चार महीने पहले ही इस संबंध में संघ को औपचारिक सूचना भेज दी थी। उनके अनुसार यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया थी और राष्ट्रीय टीम ने पहले से ही इसकी तैयारी कर ली थी। उन्होंने कहा कि संघ को इस नियम की जानकारी पहले से थी इसलिए समय रहते सभी आवश्यक बदलाव कर दिए गए।

फीफा के नियमों के अनुसार विश्व कप के दौरान जर्सी पर लगे सितारे केवल विश्व कप खिताबों का संकेत दे सकते हैं। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में राष्ट्रीय फुटबॉल संघ अपने किट पर सितारों के उपयोग को लेकर स्वतंत्र निर्णय ले सकते हैं, लेकिन विश्व कप प्रतियोगिता में फीफा के दिशा-निर्देश अनिवार्य रूप से लागू होते हैं।

इस नियम का एकमात्र अपवाद उरुग्वे है, जिसे अपनी जर्सी पर चार सितारे लगाने की अनुमति प्राप्त है। इनमें दो सितारे 1930 और 1950 के फीफा विश्व कप खिताबों के लिए हैं, जबकि दो अन्य सितारे 1924 और 1928 के ओलंपिक स्वर्ण पदकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उस समय ओलंपिक फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन भी फीफा के अधीन हुआ था।

फीफा के निर्देश पर मिस्र की टीम ने अपनी जर्सी पर अंक (नंबर) के रंग में भी बदलाव किया है। पहले खिलाड़ियों के नंबर सुनहरे रंग में होते थे लेकिन अब उन्हें सफेद रंग में बदल दिया गया है ताकि मैदान पर उनकी दृश्यता अधिक स्पष्ट रहे। मोहम्मद मोराद थाबेत ने बताया कि जर्सी तैयार करने वाली कंपनी प्यूमा ने फीफा के अनुरोध के बाद यह बदलाव किया।

मिस्र की टीम 2018 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप में हिस्सा ले रही है। रूस में खेले गए 2018 विश्व कप में टीम ग्रुप चरण के तीनों मुकाबले हारकर बाहर हो गई थी। इससे पहले मिस्र ने 1934 और 1990 में विश्व कप में भाग लिया था। अब तक टीम टूर्नामेंट के इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज करने का इंतजार कर रही है।

विश्व कप 2026 में मिस्र अपने ग्रुप-जी अभियान की शुरुआत सोमवार को सिएटल में बेल्जियम के खिलाफ करेगा। इसके बाद छह दिन बाद वैंकूवर में उसका मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा। ग्रुप चरण का अंतिम मैच 26 जून को सिएटल में ईरान के खिलाफ खेला जाएगा।

Articles you may like: