न्यूयॉर्क : फीफा विश्व कप के इतिहास में मोरक्को ने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है। ब्राजील के खिलाफ ग्रुप-सी के मुकाबले में मोरक्को पहली ऐसी टीम बनी जिसकी शुरुआती एकादश (स्टार्टिंग इलेवन) के सभी 11 खिलाड़ी देश के बाहर जन्मे थे। इस ऐतिहासिक टीम चयन ने मैदान पर भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया और पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया। यह मुकाबला शनिवार (स्थानीय समयानुसार) न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला गया।
विदेशों में जन्मे खिलाड़ियों से सजी थी मोरक्को की पूरी शुरुआती टीम
मोरक्को की शुरुआती टीम ने दुनिया के अलग-अलग देशों में फैली उसकी फुटबॉल प्रतिभा को सामने रखा। टीम के गोलकीपर यासीन बुनू का जन्म कनाडा के मॉन्ट्रियल में हुआ था।
रक्षा पंक्ति में शामिल अशरफ हकीमी का जन्म स्पेन के मैड्रिड में, जबकि चादी रियाद का जन्म स्पेन के पाल्मा में हुआ। सेंटर बैक इस्सा डियोप फ्रांस के टूलूज़ में जन्मे, जबकि फुल बैक नूसैर मजराउई का जन्म नीदरलैंड्स के लीडरडॉर्प में हुआ था।
मिडफील्ड और आक्रमण में भी दिखी प्रवासी खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी
मोरक्को का मिडफील्ड भी प्रवासी खिलाड़ियों से सुसज्जित था। अयूब बौआद्दी, जिनका जन्म फ्रांस के सेनलिस में हुआ, ने फ्रांस के ही नैंसी में जन्मे नील एल अयनाउई के साथ साझेदारी की।
इसके अलावा बिलाल एल खान्नूस का जन्म बेल्जियम के मोलेंबीक में और शेम्सदीन तालबी का जन्म बेल्जियम के साम्ब्रेविल में हुआ था।
आक्रमण पंक्ति में खेलने वाले मिडफील्डर इस्माइल साइबारी, जिन्होंने मोरक्को के लिए गोल किया, उनका जन्म स्पेन के टेरासा में हुआ था। वहीं स्ट्राइकर समीर एल मौराबेत फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में जन्मे थे।
21वें मिनट में मोरक्को ने बनाई बढ़त
मुकाबले की शुरुआत से ही मोरक्को ने आक्रामक खेल दिखाया और ब्राजील की टीम पर लगातार दबाव बनाया। इसका फायदा उसे 21वें मिनट में मिला, जब इस्माइल साइबारी ने शानदार मूव का बेहतरीन अंत करते हुए गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
विनीसियस जूनियर ने ब्राजील को दिलाई बराबरी
मोरक्को की बढ़त के बाद ब्राजील ने वापसी की कोशिश तेज की और 32वें मिनट में स्टार फॉरवर्ड विनीसियस जूनियर ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद पहले हाफ का खेल इसी स्कोर पर समाप्त हुआ।
दूसरे हाफ में दोनों गोलकीपरों ने बचाए कई गोल
दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने लगातार आक्रमण किए और मैच काफी रोमांचक बना रहा। मोरक्को के गोलकीपर बुनू और ब्राजील के गोलकीपर एलिसन ने कई शानदार बचाव किए, जिसके कारण किसी भी टीम को दूसरा गोल नहीं मिल सका।
दोनों टीमों ने मिलकर कुल 27 शॉट लगाए, लेकिन बेहतरीन गोलकीपिंग की वजह से मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
प्रवासी खिलाड़ियों को शामिल करने की रणनीति सफल साबित हुई
इस परिणाम ने यह भी दिखाया कि विदेशों में विकसित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की मोरक्को की दीर्घकालिक रणनीति सफल रही है।
टीम के कई खिलाड़ी फ्रांस, स्पेन, बेल्जियम और नीदरलैंड्स की फुटबॉल अकादमियों में प्रशिक्षण लेने के बाद अपने माता-पिता और दादा-दादी के देश मोरक्को का प्रतिनिधित्व करने के लिए आगे आए।
कोच मोहम्मद ओवाहबी ने भविष्य को लेकर जताया भरोसा
मैच के बाद मोरक्को के मुख्य कोच मोहम्मद ओवाहबी ने अपनी टीम के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की मजबूत दावेदार टीम ब्राजील के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन मोरक्को फुटबॉल के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
ग्रुप-सी में दोनों टीमों के खाते में एक-एक अंक
इस मुकाबले के बाद ग्रुप-सी में मोरक्को और ब्राजील दोनों के खाते में एक-एक अंक हो गए हैं। अब मोरक्को का अगला मुकाबला स्कॉटलैंड से होगा, जबकि ब्राजील की टीम हैती के खिलाफ मैदान पर उतरेगी।