सिंगुर के कृषि भूमि आंदोलन के प्रमुख नेता व सिंगुर पंचायत समिति के सह-अध्यक्ष माणिक दास को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार साल 2014 के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले में माणिक दास के खिलाफ प्रताड़ता, दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा, फर्जी दस्तावेजों को असली बताकर उनका इस्तेमाल करना, डराने आदि कई मामलों में शिकायत दर्ज की गयी है। चंदननगर के एसीजेएम अदालत में माणिक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट काफी पहले ही जारी कर दिया गया था।
सरकार बदलने के बाद ही अब सिंगुर थाना की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। रविवार को गिरफ्तार माणिक दास को चंदननगर महकमा अदालत में पेश किया गया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद माणिक दास का दावा है कि उन्हें झूठे आरोप में फंसाया गया है।
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लेकिन गौर करने वाली बात है कि उन्होंने यह आरोप तृणमूल के कुछ नेताओं के खिलाफ ही लगाया है। उन्होंने दो टूक जवाब देते हुए कहा, 'मुझे इस मामले में और कुछ नहीं कहना है। यह मेरी किस्मत में है।' हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ लोगों ने ही उन्हें फंसाया है। जिन लोगों ने फंसाया है वे सभी सिंगुर के ही लोग हैं।
इस मामले में भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय पांडे ने कहा कि यह गिरफ्तारी और भी पहले होना चाहिए था। सरकार बदल रही है, कानून का शासन लागू हो रहा है। इसलिए प्रशासन कानून का पालन करते हुए जो-जो करना चाहिए वह कर पा रही है। अगर किसी ने अपराध किया है तो किसी को भी छूट नहीं मिलेगी है।