शादी में ममता बनर्जी से मिले उपहारों को काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने लौटाने का फैसला लिया। रविवार (14 जून) को तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार के चिकित्सक बेटे वैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट कर इस बाबत जानकारी दी है।
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि ममता बनर्जी ने पिछले 4-5 सालों के दौरान दुर्गा पूजा के समय उन्हें जो कपड़े (परिधान) उपहार में दिए हैं और शादी के समय उनकी पत्नी को जो नेकलेस उपहार में दिया था, उसे वह ममता बनर्जी को वापस लौटाना चाहते हैं। बेटे के इस फैसले पर सांसद की क्या प्रतिक्रिया रही?
वैद्यनाथ घोष दस्तीदार के इस फैसले के बाद सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी सोशल मीडिया पर बेटे के पोस्ट को शेयर किया है। बेटे के पोस्ट को शेयर कर काकोली घोष दस्तीदार ने लिखा है, 'तुमपर और तुम्हारी पत्नी पर गर्व है।'
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अपने पोस्ट में वैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने लिखा है कि हमारी शादी के समय पत्नी को दिया गया गले का हार और दुर्गा पूजा के समय मुझे दिया गया कुर्ता-पैजामा वापस लौटा रहा हूं। इन उपहारों के लिए मैं कृतज्ञ हूं। व्यक्तिगत कारणों से मुझे इन उपहारों को वापस लौटा देना ही ठीक लगा।
इसके बाद एई समय ऑनलाइन से हुई खास बातचीत में उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पिछले 5-6 सालों से हर साल दुर्गापूजा पर मुझे कुर्ता और पैजामा देती थीं। सब कुछ मैं कालीघाट के घर पर जाकर वापस लौटा आउंगा। मेरी शादी के समय वह मेरे घर आयी थी। मेरी पत्नी को उन्होंने सोने का एक हार दिया था। उसे भी मैं लौटा आऊंगा। दो साल वह हार मेरे पास था। उसके लिए अगर कोई ब्याज देना होगा, तो वह भी मैं दे दूंगा। उनके जैसी किसी व्यक्ति से मुझे कुछ नहीं चाहिए।
Proud of you and your wife https://t.co/Agktr78hUh
— Dr. KakoliGDastidar (@kakoligdastidar) June 14, 2026
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सोमवार (15 जून) को उनके वकील ममता बनर्जी समेत 3 सांसदों को कानूनी नोटिस भेजने वाले हैं। उनके परिवार के बारे में बुरा कहने की वजह से उन्हें यह नोटिस भेजा जा रहा है। वैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 1 माह पहले एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान ममता बनर्जी ने कहा था कि एक सांसद उनकी पार्टी को तोड़ रहा है।
उस सांसद के बेटे ने टिकट मांगा था, पूर्व मुख्यमंत्री ने नहीं दिया। इसलिए उस सांसद ने भाजपा से हाथ मिलाया है। ममता बनर्जी ने मेरा और मेरी मां का नाम तो नहीं लिया था लेकिन उन्होंने सब कुछ समझा दिया था। मैं चुप था लेकिन बाद में सौगत राय और महुआ मोइत्रा ने भी इस बारे में बयान दिया था। सोमवार को इन्हीं तीनों सांसदों को कानूनी नोटिस भेजा जाएगा।
उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी। उस बयान को वापस लेना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम हाई कोर्ट में मामला दायर करेंगे।