दीघा को भविष्य में एक विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सिर्फ दीघा ही नहीं बल्कि राज्य सरकार मंदरमणि और ताजपुर के समुद्र तटों को भी व्यापक रूप से विकसित करने की योजना बना रही है। रविवार (14 जून) को दीघा-शंकरपुर विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह घोषणा की।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक शहर हल्दिया को भी पुनर्जीवित किया जाएगा। अपनी घोषणाओं में मुख्यमंत्री ने कहा कि ताजपुर से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर दादनपात्रपाड़ में प्रस्तावित बंदरगाह का निर्माण भी किया जाएगा।
लगभग 2 घंटे तक बैठक करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पूर्व मेदिनीपुर जिले में सभी प्रकार की संसाधन मौजूद हैं। यहां समुद्र, उद्योग और कृषि भूमि है। यदि सही तरीके से विकास किया गया होता तो यह जिला राज्य में सबसे आगे होता। गौरतलब है कि पूर्व मिदनापुर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का गृह जिला भी है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां अब तक विकास ठप पड़ा था। नई सरकार अब विकास करेगी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार ने पिछले 2 वर्षों में कोई काम ही नहीं किया था। जिले के अस्पतालों की स्थिति भी बहुत खराब है। एक भी ICU बेड नहीं है। केवल एक एम्बुलेंस है। अस्पताल में पोस्टमॉर्टम की सुविधा है और सिर्फ 17 हेल्प स्टाफ हैं।
पिछले दिनों ही ओडिशा के समुद्र तट पर शूटिंग के दौरान पानी में डूबने से एक्टर राहुल अरुणोदय बंद्योपाध्याय की मौत हो गयी थी। पानी से बाहर निकालने के बाद उन्हें दीघा स्टेट जनरल अस्पताल भी ले जाया गया था लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इस घटना का उल्लेख करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस जिले में मात्र 63 नुलिया हैं। मैंने एसडीओ को कहा है कि नुलियाओं की संख्या बढ़ाई जाए और उनके वेतन में भी वृद्धि की जाए। 100 बेड के अस्पताल की जरूरत है। न्यूरोसर्जन, कार्डियक और ऑर्थोपेडिक सर्जन भेजने के लिए कहा है। कम से कम 5 ICU बेड होने चाहिए। यहां इतने पर्यटक आते हैं। कम से कम बुनियादी व्यवस्था तो होनी ही चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि नयाचर में जिस मत्स्य हब (फिशिंग हब) को बनाने की जो घोषणा की गई थी, अधिकारियों के साथ बैठक में उस बारे में भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हल्दिया को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। ड्रेजिंग करके बंदरगाह की नौवहन क्षमता बढ़ाई जाएगी। बंद पड़े उद्योगों को पुनर्जीवित किया जाएगा और नए उद्योग भी लाए जाएंगे।
दादनपात्रबाड़ में प्रस्तावित डीप सी पोर्ट के बारे में उन्होंने कहा कि वहां सरकार की जमीन है। अगर बंदरगाह बनता है तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। इससे यहां की अर्थव्यवस्था ही बदल जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार पूरे जिले को नए सिरे से विकसित करने की योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीघा के विकास के लिए पर्यटकों से ₹10 का शुल्क लिया जाता है, उसे 1 जुलाई से बंद कर दिया जाएगा। यह सरकार की संस्कृति के खिलाफ काम है। इससे सरकार की आय ₹30 लाख होती थी जबकि यहां 60–70 लाख पर्यटक आते हैं। फिर इतनी कम राशि क्यों आती थी?