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'राहुल गांधी हों INDIA गठबंधन का चेहरा’: अशोक गहलोत ने की खुली पैरवी

जयपुर में बोले कांग्रेस नेता- देश में मुकाबला ‘मोदी बनाम राहुल गांधी’ के रूप में होना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने ईडी, सीबीआई, मीडिया और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

By डॉ. अभिज्ञात

Jun 14, 2026 20:19 IST

जयपुरः राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन को राहुल गांधी के नेतृत्व को खुलकर स्वीकार करना चाहिए। उनके अनुसार देश के सामने राजनीतिक मुकाबला स्पष्ट रूप से 'नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी' के रूप में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन को मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी कांग्रेस की है, क्योंकि वह इसका सबसे बड़ा घटक दल है।


‘भाजपा बनाम सभी’ की राजनीति का समय

गहलोत ने कहा कि पहले कांग्रेस को संयुक्त विपक्ष का सामना करना पड़ता था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में आवश्यकता 'कांग्रेस बनाम सभी' नहीं, बल्कि 'भाजपा बनाम सभी' की है। उन्होंने शिवसेना नेता संजय राउत के उस सुझाव का भी समर्थन किया, जिसमें कांग्रेस से अलग हुए दलों को फिर से कांग्रेस के साथ आने की बात कही गई थी।


राहुल गांधी को बताया निर्भीक नेता

कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे संसद और संसद के बाहर लगातार राष्ट्रीय मुद्दे उठा रहे हैं। गहलोत के अनुसार राहुल गांधी देश के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर लोगों को आगाह करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषयों पर सीधे सवाल पूछते हैं।


लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव का आरोप

गहलोत ने दावा किया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाएं अभूतपूर्व दबाव का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, जांच एजेंसियों और नौकरशाही पर दबाव की स्थिति दिखाई देती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग का उपयोग राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ किया जा रहा है।


मीडिया और चुनावी प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

गहलोत ने कहा कि मीडिया पर अत्यधिक दबाव है और कई महत्वपूर्ण मुद्दे राष्ट्रीय बहस का विषय नहीं बन पा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।


युवाओं से राजनीति में भागीदारी की अपील

अपने 50 वर्षों के राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए गहलोत ने कहा कि उन्होंने पहले कभी ऐसा माहौल नहीं देखा। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से राजनीति में सक्रिय भागीदारी करने और विभिन्न विचारधाराओं को समझने का आह्वान किया। उनके अनुसार लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए युवाओं की सहभागिता आवश्यक है।


भाजपा, आरएसएस और अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर टिप्पणी

गहलोत ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय नेताओं का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। साथ ही भाजपा में मुस्लिम सांसदों की कमी और कुछ वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी सवाल उठाए।


राजस्थान सरकार के कामकाज पर निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान की भाजपा सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पानी और बिजली जैसी बुनियादी समस्याएं बढ़ रही हैं और जमीनी स्तर पर शासन का प्रभाव पर्याप्त दिखाई नहीं दे रहा है।

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