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फीफा विश्व कप में मैनुअल नोयर का नया कीर्तिमान, पांच विश्व कप खेलने वाले दूसरे जर्मन बने

संन्यास से लौटकर जर्मनी के अनुभवी गोलकीपर ने उम्र और अनुभव दोनों में नया कीर्तिमान बनाया।

By रजनीश प्रसाद

Jun 15, 2026 11:31 IST

ह्यूस्टन (टेक्सास, अमेरिका) : फीफा विश्व कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में जर्मनी के अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नोयर ने सिर्फ टीम की 7-1 की शानदार जीत में ही योगदान नहीं दिया बल्कि अपने नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि भी दर्ज करा ली। 40 वर्षीय नोयर फीफा विश्व कप के इतिहास में पांच विश्व कप खेलने वाले केवल दूसरे जर्मन खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में जर्मनी के महान मिडफील्डर लोथार मैथाउस की बराबरी कर ली।

कुरासाओ के खिलाफ मैदान पर उतरते ही नोयर का यह विश्व कप में 20वां मैच भी बन गया। इसके साथ ही उन्होंने अपने लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ ली। फुटबॉल जगत पहले से ही उन्हें इतिहास के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में से एक मानता है।

दिलचस्प बात यह है कि यूरो 2024 में जर्मनी के बाहर होने के बाद मैनुअल नोयर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया था। उस समय माना जा रहा था कि उनका राष्ट्रीय टीम का सफर समाप्त हो चुका है। हालांकि इस वर्ष जर्मन टीम में गोलकीपरों की समस्या पैदा होने के बाद मुख्य कोच जूलियन नागेल्समैन ने उन्हें दोबारा टीम में शामिल करने का फैसला किया।

जर्मनी के नियमित प्रथम पसंद गोलकीपर मार्क-आंद्रे टेर स्टेगन चोट के कारण टीम से बाहर हो गए थे। ऐसे में कोच ने अनुभवी बायर्न म्यूनिख गोलकीपर मैनुअल नोयर पर फिर से भरोसा जताया। क्लब स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण नोयर को वापसी का मौका मिला।

हालांकि उनकी वापसी को लेकर सभी लोग सहमत नहीं थे। विश्व कप की तैयारियों के दौरान पिंडली (काफ) की चोट के कारण नोयर कुछ समय तक टीम के साथ नहीं रह सके और फिनलैंड तथा अमेरिका के खिलाफ अभ्यास मुकाबलों में भी हिस्सा नहीं ले पाए। इसके बावजूद जर्मनी के कोचिंग स्टाफ का मानना था कि उनका अनुभव और नेतृत्व टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

नोयर की वापसी के साथ ही उन्होंने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 40 वर्ष और 79 दिन की उम्र में वह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में जर्मनी का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उन्होंने यह रिकॉर्ड भी लोथार मैथाउस से छीन लिया जिन्होंने यूरो 2000 में 39 वर्ष और 91 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

कुरासाओ के खिलाफ मुकाबला नोयर का विश्व कप में 20वां मैच था। इस आंकड़े के साथ वह फिलिप लाम और बास्टियन श्वाइनस्टाइगर की बराबरी पर पहुंच गए हैं। जर्मनी के लिए विश्व कप में उनसे अधिक मैच केवल लोथार मैथाउस (25), मिरोस्लाव क्लोज़े (24) और उवे सीलर (21) ने खेले हैं।

मैनुअल नोयर पहले ही विश्व कप विजेता और गोल्डन ग्लव पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। अपने शानदार करियर और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण उन्हें फुटबॉल इतिहास के सबसे प्रभावशाली गोलकीपरों में गिना जाता है।

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