वॉशिंगटन डीसीः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित शांति समझौता पूरा हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी जहाजों के लिए खोलने तथा अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी तत्काल हटाने की घोषणा की।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने और अमेरिकी नौसैनिक अवरोध समाप्त करने की अनुमति दे दी गई है, जिससे दुनिया भर के जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सकेगी।
“The Deal with Islamic Republic of Iran is now complete. Congratulations to all!” President Donald J. Trump 🇺🇸 pic.twitter.com/RdSwyEdEtO
— The White House (@WhiteHouse) June 14, 2026
यह घोषणा ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हैं। इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि लंबी बातचीत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। उनके अनुसार दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को स्थायी रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया है।
शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में किए जाएंगे। उन्होंने इस प्रक्रिया में अमेरिका, ईरान, कतर, सऊदी अरब और तुर्किये के नेतृत्व की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मध्यस्थ देशों के सहयोग से समझौते तक पहुंचना संभव हो सका।
Following intensive talks, we are pleased to announce that the Peace Deal between the United States of America and Islamic Republic of Iran has been REACHED. Both sides have declared the immediate and permanent termination of military operations on all fronts, including in…
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) June 14, 2026
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के अनुसार, औपचारिक हस्ताक्षर से पहले इस सप्ताह कई प्रारंभिक बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में तकनीकी पहलुओं और समझौते के क्रियान्वयन की रूपरेखा पर चर्चा होगी।
इससे पहले रविवार को डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि लेबनान में हुए नए घटनाक्रमों के बावजूद समझौता पटरी पर बना हुआ है। उन्होंने एक्सियोस से बातचीत में कहा कि बेरूत में इजरायली हमले के कारण समझौते पर हस्ताक्षर कुछ घंटों के लिए टल गए थे। ट्रंप ने माना कि इस कार्रवाई से कूटनीतिक प्रयासों को झटका लगा और उन्होंने इसके समय को लेकर असंतोष भी जताया।
रिपोर्ट के अनुसार, बेरूत में हमला उस समय हुआ जब अमेरिका और ईरान समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में थे। ट्रंप का कहना है कि यह समझौता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने, उसके परमाणु कार्यक्रम की निगरानी मजबूत करने तथा परमाणु सामग्री के निपटान और निरीक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद करेगा।
हालांकि अमेरिका और पाकिस्तान की ओर से समझौते की घोषणा किए जाने के बावजूद ईरानी अधिकारियों ने अब तक सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।
बताया जा रहा है कि यह समझौता उस क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में अहम कदम हो सकता है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी। उस दौरान अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने का दावा किया गया था।