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घमौरी, रैश और खुजली की समस्या से हैं परेशान? नीम के गुणों की न करें अनदेखी, इन तरीकों से करें इस्तेमाल

दादी-नानी के जमाने से लेकर अब तक नीम के एंटी-बैक्टिरियल गुणों का हर किसी ने लोहा माना है।

By Moumita Bhattacharya

Jun 16, 2026 19:21 IST

गर्मी के मौसम में घमौरी, रैश, खुजली की समस्या नयी नहीं है। लेकिन कई बार हजार कोशिशों के बावजूद इन समस्याओं पर काबू नहीं पाया जा सकता है। महंगे बॉडी वॉश से लेकर पाउडर भी थोड़ी देर के लिए राहत तो पहुंचाते हैं लेकिन कुछ समय बाद फिर से वहीं समस्या वापस लौट आती है।

गर्मी के मौसम में पैदा होने वाले त्वचा से संबंधित इन समस्याओं का समाधान करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे ही काम आ सकते हैं। इस समस्या से लंबे समय तक छुटकारा चाहिए तो नीम की पत्तियों का सहारा लीजिए।

दादी-नानी के जमाने से लेकर अब तक नीम के एंटी-बैक्टिरियल गुणों का हर किसी ने लोहा माना है। इसमें एंटी-इंफ्लामेटरी प्रॉपर्टी भी होती है जो त्वचा से संबंधित किसी भी संक्रमण को रोकने में मददगार साबित होता है। नीम की पत्तियों के नियमित इस्तेमाल से घमौरी, खुजली, रैश आदि की समस्या आपके आसपास भी नहीं फटकेंगी।

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नीम के पानी से स्नान

गर्मी के मौसम में नीम के पानी से स्नान करना आपको सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाएगा। नीम की एक मुट्ठी ताजा पत्तियों को 2 गिलास पानी में उबाल लें। फिर उस पानी को ठंडा करके छान लें। अब इस पानी को नहाने के पानी में मिला लें। यह घमौरियों को दूर करने में मददगार होने के साथ-साथ त्वचा को ठंडक पहुंचाता है। जिन लोगों को पीठ और छाती पर मुंहासे यानी बॉडी एक्ने होते हैं, उन्हें भी नीम के पानी से स्नान करने से लाभ मिलता है।

एलोवेरा और नीम का मिश्रण

तेज धूप में त्वचा जलकर लाल हो जाना, त्वचा पर लाल चकते पड़ना या त्वचा में जलन बढ़ने पर नीम की पत्तियां काफी उपयोगी होती हैं। नीम की ताजी पत्तियों को पीसकर उसमें एलोवेरा जेल मिलाएं। इस मिश्रण को त्वचा पर लगाने से जलन से राहत मिलती है। नीम के एंटी बैक्टेरियल गुण त्वचा के संक्रमण को कम करने और एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक दिलाने में मददगार साबित होता है।

नीम और हल्दी का मास्क

गर्मी में उमस बढ़ने के साथ-साथ त्वचा से तेल का अधिक स्राव या त्वचा के तैलीय हो जाने की समस्या का बढ़ना आम बात है। ऐसे समय में कॉस्मेटिक का उपयोग कम कर देना चाहिए। इसकी बजाय एक चुटकी हल्दी और गुलाब जल मिलाकर नीम की पत्तियों का पेस्ट बना लें।

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इसे चेहरे पर लगाएं। यह मास्क मुंहासों और अतिरिक्त तेल को कम करने में मदद करता है। खास बात है कि इससे त्वचा नमी भी नहीं खोती है। सिर्फ 15 मिनट नीम और हल्दी का मास्क लगाने से त्वचा तरोताजा दिखती है।

नीम की चाय

यदि शरीर में टॉक्सिन जमा हो जाएं तो उसका असर त्वचा पर जरूर दिखाई देता है। मुंहासों की समस्या को दूर करने के लिए नीम की ताजी पत्तियों को उबालकर उसका पानी पी सकते हैं। यह पेय रक्त को शुद्ध करने और लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। स्वाद में यह कड़वा जरूर होता है लेकिन शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है।

बड़े काम का है नीम का तेल

सिर में अगर डैंड्रफ और जुओं की समस्या होती है तो उसे दूर करने के लिए लोग अक्सर नीम का तेल लगाते हैं। मच्छरों के काटने से बचने के लिए आप इसे त्वचा पर भी लगा सकते हैं। नारियल तेल या बादाम के तेल के साथ कोल्ड-प्रेस्ड नीम तेल मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तेल में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

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