नई दिल्लीः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेज होती वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच भारतीय आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) ने अपनी AI रणनीति को नया आयाम देते हुए एंथ्रोपिक के क्लॉड मॉडल्स पर आधारित एक अत्याधुनिक एप्लाइड AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित करने की घोषणा की है। कंपनी का मानना है कि यह पहल विभिन्न उद्योगों में AI के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ाने और व्यवसायों को अधिक स्मार्ट, तेज और दक्ष बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
विप्रो (Wipro) ने बताया कि अगले 18 महीनों में कंपनी 10,000 फ्रंटलाइन डिलीवरी प्रोफेशनल्स को क्लॉड मॉडल्स की क्षमताओं और उनके कारोबारी उपयोग से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग देकर प्रमाणित करेगी। यह कार्यक्रम AI आधारित समाधानों को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
ग्राहकों के बीच सीधे काम करेंगे AI विशेषज्ञ
कंपनी के अनुसार, उसने पहले ही क्लॉड मॉडल्स पर प्रशिक्षित फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स (FDEs) की एक वैश्विक टीम विकसित की है। इन इंजीनियर्स को AI मॉडल्स के व्यवहार, क्षमताओं और व्यावहारिक अनुप्रयोगों की गहन समझ दी गई है।
ये विशेषज्ञ ग्राहकों के कार्यस्थलों और कारोबारी वातावरण में सीधे काम करते हुए उनकी प्रक्रियाओं, तकनीकी ढांचे और व्यावसायिक जरूरतों को समझेंगे तथा AI आधारित समाधान लागू करने में मदद करेंगे। इससे कंपनियां AI को केवल प्रयोगात्मक तकनीक के रूप में नहीं बल्कि रोजमर्रा के संचालन का हिस्सा बना सकेंगी।
बेंगलुरु बनेगा AI नवाचार का प्रमुख केंद्र
नया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बेंगलुरु स्थित विप्रो के इनोवेशन हब में स्थापित किया गया है। यह कंपनी की हाल ही में गठित AI-नेटिव बिजनेस एंड प्लेटफॉर्म्स यूनिट के तहत कार्य करेगा।
इस केंद्र का प्रमुख उद्देश्य क्लॉड मॉडल्स की क्षमताओं को विप्रो इंटेलिजेंस स्टैक के साथ जोड़ना है, ताकि विभिन्न उद्योगों की मुख्य व्यावसायिक प्रक्रियाओं में AI का सहज और प्रभावी एकीकरण किया जा सके।
कई उद्योगों के लिए तैयार होंगे विशेष AI समाधान
विप्रो का कहना है कि यह सेंटर केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उद्योग-विशिष्ट AI प्लेटफॉर्म और समाधान विकसित करने का प्रमुख केंद्र भी बनेगा।
कंपनी विशेष रूप से मॉर्गेज, स्वास्थ्य सेवा, एयरलाइंस, विनिर्माण और उपभोक्ता वस्तु क्षेत्रों के लिए AI-आधारित उत्पादों और प्लेटफॉर्म्स पर काम करेगी। इन समाधानों का उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया को तेज करना, उत्पादकता बढ़ाना और परिचालन लागत को कम करना होगा।
AI से बदलेगी विप्रो की आंतरिक कार्यप्रणाली भी
विप्रो अपने ग्राहकों के साथ-साथ खुद के संचालन में भी AI को व्यापक स्तर पर शामिल करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने जानकारी दी कि क्लॉड मॉडल्स को वित्त, मानव संसाधन और बिक्री जैसे आंतरिक विभागों में भी लागू किया जाएगा।
इस पहल को कंपनी के व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत आंतरिक प्रक्रियाओं को अधिक स्वचालित, डेटा-संचालित और कुशल बनाया जाएगा।
क्या बोले विप्रो के श्रीनी पल्लिया?
विप्रो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक श्रीनी पल्लिया ने कहा कि यह पहल कंपनी की "कंसल्टिंग-लीड और AI-पावर्ड" रणनीति को नई गति प्रदान करेगी। उनके अनुसार, क्लॉड मॉडल्स की उन्नत क्षमताओं को विप्रो के गहरे उद्योग अनुभव और एंटरप्राइज विशेषज्ञता के साथ जोड़कर ग्राहकों के लिए मापनीय और प्रभावी कारोबारी परिणाम हासिल किए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि AI अब केवल तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि व्यवसायों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण साधन बन चुका है और विप्रो इसी बदलाव का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
AI बाजार में मजबूत स्थिति बनाने की तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीकों को लेकर वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय में क्लॉड मॉडल्स पर केंद्रित यह नया सेंटर विप्रो को एंटरप्राइज AI सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद कर सकता है। साथ ही, बड़ी संख्या में प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार करने की योजना कंपनी को भविष्य की AI आधारित परियोजनाओं के लिए भी सक्षम बनाएगी।