नई दिल्लीः पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता को लेकर लोगों की चिंताओं को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि देशभर में आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के ईंधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने नागरिकों और उद्योगों से ऊर्जा का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने की अपील की।
खुदरा पंपों पर बढ़ा दबाव, इसलिए उठाया गया कदम
सुजाता शर्मा ने बताया कि हाल के महीनों में डीजल की खरीद के पैटर्न में बदलाव आया है। जो डीजल पहले बड़े उपभोक्ताओं और औद्योगिक इकाइयों को उनके कंज्यूमर पंपों के माध्यम से मिलता था, उसका एक बड़ा हिस्सा अब खुदरा पेट्रोल पंपों से खरीदा जाने लगा है।
मई महीने में लगभग 42 करोड़ लीटर डीजल की खपत कंज्यूमर पंपों से हटकर खुदरा पेट्रोल पंपों पर आ गई। इसी वजह से कुछ स्थानों पर अतिरिक्त दबाव और आपूर्ति संबंधी चुनौतियां देखने को मिलीं। सरकार का कहना है कि समस्या ईंधन की उपलब्धता की नहीं, बल्कि वितरण और मांग के बदलते स्वरूप की है।
90 दिनों के लिए लागू किया गया अस्थायी आदेश
आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने 11 जून को एक अधिसूचना जारी की। इसके तहत खुदरा पेट्रोल पंपों से डीजल की बिक्री पर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 200 लीटर की सीमा तय की गई है।
सरकार ने औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को निर्देश दिया है कि वे अपनी आवश्यकता का डीजल अपने कंज्यूमर पंपों से प्राप्त करें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था केवल लगभग 90 दिनों के लिए लागू की गई है और इसका उद्देश्य आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना है।
एलपीजी आपूर्ति भी सामान्य हुई
मंत्रालय के अनुसार रसोई गैस की आपूर्ति की स्थिति में भी सुधार हुआ है। पिछले चार दिनों के दौरान 1.66 करोड़ एलपीजी बुकिंग प्राप्त हुईं, जबकि 1.84 करोड़ सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।
इसी अवधि में 24,184 टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई। इसके अलावा 5 किलोग्राम वाले 2.18 लाख सिलेंडर भी वितरित किए गए, जिनमें 14,500 सिलेंडर विशेष शिविरों के माध्यम से बेचे गए।
प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी सरकार ने प्रगति की जानकारी दी। मार्च से अब तक 9.76 लाख घरेलू कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा 3.19 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों के लिए आवश्यक ढांचा तैयार किया गया है और 9.72 लाख नए उपभोक्ताओं का पंजीकरण किया गया है।
कालाबाजारी और अवैध कारोबार पर सख्ती
मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी और ईंधन की अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। मार्च से अब तक एलपीजी से जुड़े मामलों में 1,330 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस दौरान 311 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 75,960 सिलेंडर जब्त किए गए।
वहीं 27 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई में 12,303 लीटर पेट्रोल तथा 91,263 लीटर डीजल जब्त किया गया। इन मामलों में 50 एफआईआर दर्ज हुईं और 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
आम उपभोक्ताओं को राहत देना है मकसद
सुजाता शर्मा ने दोहराया कि यह पूरा कदम केवल अस्थायी व्यवस्था है। सरकार चाहती है कि दोपहिया वाहन चालकों, कार उपयोगकर्ताओं और किसानों को खुदरा पेट्रोल पंपों पर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य से बड़े उपभोक्ताओं को फिर से प्रत्यक्ष आपूर्ति व्यवस्था की ओर लौटने के लिए कहा गया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और नागरिकों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।