पटना: बिहार के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) पी. के. शाही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसके पीछे कोई विशेष कारण नहीं है।
सोमवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए शाही ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भेज दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पद छोड़ने के निर्णय के पीछे कोई खास वजह नहीं है।
पी. के. शाही को जनवरी 2023 में दूसरी बार बिहार का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह 2005 से 2010 तक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पहले कार्यकाल के दौरान भी राज्य के शीर्ष विधि अधिकारी की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
वर्ष 2010 में सत्ता में वापसी के बाद नीतीश कुमार ने उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया था। उन्होंने शिक्षा, पर्यावरण और योजना जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी।
राजनीतिक जीवन के दौरान शाही ने 2013 में जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार के रूप में महाराजगंज लोकसभा सीट के उपचुनाव में भी किस्मत आजमाई थी। हालांकि उन्हें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी के हाथों बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने कुछ वर्षों में सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली और पुनः वकालत के पेशे पर ध्यान केंद्रित किया।