कोलकाता नगर निगम (KMC) का चुनाव 7 दिसंबर तक करवा लिया जा सकता है। KMC में आयोजित एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कुछ ऐसा ही संकेत दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के परिसीमन के बाद ही चुनाव करवाएं जाएंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद आज (15 जून) पहली बार शुभेंदु अधिकारी KMC में गए। यहां उन्होंने KMC क्षेत्र के सांसदों, विधायकों व पूर्व पार्षदों के साथ ही नगर निगम के अधिकारियों के साथ भी बैठक की।
KMC क्षेत्र में डिलिमिटेशन की जरूरत
बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में डिलिमिटेशन (परिसीमन) करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चूंकि मैंने भवानीपुर से चुनाव लड़ा है इसलिए मुझे पता है कि वहां वार्ड नंबर 77 में 49 बूथ हैं जबकि कई वार्डों में बूथों की संख्या 20 से भी कम है।
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हम सभी का मानना है कि डिलिमिटेशन होने की जरूरत है। राज्य सरकार इसकी सिफारिश करती है और चुनाव आयोग यह काम करता है। जिनका काम है, वहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री की बैठक में ममता बनर्जी की भाभी उपस्थित
गौर करने वाली बात रही कि KMC में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भाभी और वार्ड नंबर 72 की पार्षद काजोरी बंद्योपाध्याय भी मौजूद रही।
इसके साथ ही KMC के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम, पार्षद अनन्या बंद्योपाध्याय, जुंई विश्वास, शशी पांजा की बेटी और चंद्रिमा भट्टाचार्य के बेटे, पूर्व तृणमूल विधायक देवाशीष कुमार की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
गौरतलब है कि KMC के मेयर पद से कुछ दिनों पहले ही फिरहाद हकीम ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने मियाद खत्म होने से 6 महीना पहले ही अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला ले लिया। इसके बाद ही KMC के बोर्ड को भंग कर दिया गया। अब राज्य के नगर और नगरोन्नयन विभाग ने निगम की कमिश्नर स्मिता पांडे को KMC का प्रशासक नियुक्त किया है।
लेकिन KMC की वैसे कार्य जो आम जनता से संबंधित हैं, उनमें कोई बाधा पैदा न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए पार्षदों को निर्देश दिया गया है। साथ ही विधायकों को भी सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार प्रदान किया गया है।