लखनऊ : केरल में चोरी की गई गाड़ियों को बेचने के मामलों में पिछले 22 वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आरोपी को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया और बाद में उसे केरल लाया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 60 वर्षीय बलदेव सिंह के रूप में हुई है। वह हरियाणा के पलवल जिले के घोड़ी गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार बलदेव सिंह को रविवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के टप्पल क्षेत्र से स्थानीय पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि वह लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था।
जांचकर्ताओं के मुताबिक बलदेव सिंह एक कुख्यात वाहन चोर था। उस पर आरोप है कि वह उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से कारें चोरी करता था। इसके बाद ओडिशा से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर उन वाहनों को केरल के कन्नूर जिले में बेच देता था।
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब अन्य राज्यों की पुलिस टीमें चोरी हुई गाड़ियों की तलाश में कन्नूर पहुंचीं। जांच के दौरान वाहन चोरी और अवैध बिक्री के इस नेटवर्क का पता चला।
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2004 में कन्नूर टाउन पुलिस स्टेशन में बलदेव सिंह के खिलाफ इस रैकेट से जुड़े लगभग 10 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से एक मामले में उसे गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया।
अधिकारियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत में कई गिरफ्तारी वारंट लंबित थे। इनमें एक लंबे समय से लंबित वारंट भी शामिल था।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए बलदेव सिंह पिछले दो दशकों से अधिक समय तक हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रह रहा था। इस दौरान उसने एक राजनीतिक दल का भी रुख किया और जिला स्तर का नेता बनने में सफल रहा।
कन्नूर जिले में लंबित मामलों के निपटारे के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस को उसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के टप्पल पहुंची और वहां स्थानीय पुलिस की सहायता से उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कन्नूर लाया गया और अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।