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तनाव के दौर से आगे बढ़े भारत-कनाडा, मोदी-कार्नी ने मजबूत साझेदारी पर दिया जोर

व्यापार, ऊर्जा, नवाचार, शिक्षा और जनसंपर्क बढ़ाने पर बनी सहमति, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर।

By श्वेता सिंह

Jun 16, 2026 22:43 IST

एवियन-ले-बैंसः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात कर दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बैठक में व्यापार, ऊर्जा, नवाचार, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर विशेष जोर दिया गया।

पूर्वी फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित शिखर सम्मेलन के इतर हुई इस मुलाकात को भारत-कनाडा संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने हाल के महीनों में द्विपक्षीय स्तर पर हुई प्रगति की समीक्षा भी की।

आर्थिक सहयोग को विस्तार देने पर जोर

बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक भागीदारी को और व्यापक बनाने पर चर्चा हुई। भारत और कनाडा पहले ही व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते वैश्विक आर्थिक बदलावों के बीच भारत और कनाडा के बीच निवेश, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।

ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों पर भी चर्चा

दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को लेकर सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इसी वर्ष फरवरी-मार्च में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने यूरेनियम और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप दिया था।

माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और रणनीतिक उद्योगों को लाभ मिलेगा। बैठक में नवाचार, अनुसंधान, उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों ने तकनीकी सहयोग और मानव संसाधन विकास को भविष्य की साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार माना।

भारत और कनाडा के बीच छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।

रक्षा और उभरती तकनीकों में सहयोग की संभावनाएं

दोनों देशों ने रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, छोटे एवं मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टरों तथा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। यह वे क्षेत्र हैं जिन पर पहले भी दोनों देश सहयोग बढ़ाने की इच्छा जता चुके हैं।

तनावपूर्ण दौर के बाद संबंधों में सुधार

भारत और कनाडा के रिश्तों में वर्ष 2023 के दौरान उस समय गंभीर तनाव पैदा हो गया था, जब तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संभावित भारतीय संबंधों का आरोप लगाया था।

हालांकि मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों ने रिश्तों को सामान्य बनाने और संवाद को आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए। हालिया मुलाकात को उसी प्रक्रिया की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

जी-7 सम्मेलन के दौरान हुई यह मुलाकात संकेत देती है कि भारत और कनाडा दोनों ही द्विपक्षीय संबंधों को नए सिरे से मजबूत करने के इच्छुक हैं। व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाई दे सकता है।

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