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कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्र तक पहुंच रहे नीट प्रश्नपत्र, वायुसेना ने संभाला मोर्चा

चार दिन से जारी हवाई अभियान, बुधवार तक सभी केंद्रों पर पहुंचेंगे प्रश्नपत्र। सुरक्षा को राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकता।

By श्वेता सिंह

Jun 16, 2026 23:49 IST

नई दिल्लीः नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। प्रश्नपत्रों के वितरण की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना को सौंपी गई है, जो पिछले चार दिनों से देशव्यापी हवाई अभियान चलाकर विभिन्न राज्यों और परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचा रही है।

सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने अब तक 200 से अधिक उड़ानें भरी हैं। इस मिशन में परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे अभियान को अत्यंत गोपनीय रखा गया है और इसके बुधवार शाम तक पूरा होने की संभावना है।

20 से अधिक स्थानों तक पहुंचाए जा रहे प्रश्नपत्र

जानकारी के मुताबिक, प्रश्नपत्रों को दो प्रमुख वितरण केंद्रों से उठाकर देशभर के 20 से अधिक महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। वहां से इन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा।

यह विशेष अभियान 13 जून से शुरू हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं की किसी भी संभावना को पूरी तरह समाप्त करना है। वायुसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रही हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा स्तर की व्यवस्था

पिछले महीने आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद छात्रों और अभिभावकों में परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसी पृष्ठभूमि में इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को राष्ट्रीय महत्व का विषय मानते हुए विशेष प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों को संवेदनशील रक्षा सामग्री की तरह सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर गोपनीयता भंग न हो।

सेना और वायुसेना का संयुक्त समन्वय

सुरक्षा योजना के तहत कुछ प्रश्नपत्रों को दिल्ली से मदुरै तक विमान के जरिए पहुंचाया जाएगा। इसके बाद उन्हें भारतीय सेना के हेलीकॉप्टरों से तिरुनेलवेली आर्म्ड रिजर्व ग्राउंड तक ले जाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी वायुसेना के अधिकारी करेंगे।

व्यवस्था की तैयारी परखने के लिए तिरुनेलवेली में भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा परीक्षण लैंडिंग और मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य वास्तविक वितरण से पहले सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं को जांचना था।

21 जून को होगी पुनर्परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक विवाद के बाद 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया था। इसके बाद 21 जून को पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।

देशभर के लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होंगे। ऐसे में सरकार परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बहाल करने और अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रखने के लिए हर स्तर पर अतिरिक्त सावधानी बरत रही है।

टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध भी लागू

परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर भी सीमित अवधि के लिए प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा, जिसमें पुनर्परीक्षा का दिन और उसके बाद का समय भी शामिल है।

अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से फर्जी पेपर लीक संदेशों, भ्रामक सूचनाओं और सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

छात्रों का भरोसा लौटाने की कोशिश

नीट-यूजी 2026 से जुड़े विवादों के बाद सरकार और परीक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का विश्वास बहाल करना है। यही कारण है कि इस बार प्रश्नपत्रों की ढुलाई से लेकर वितरण तक हर चरण में अभूतपूर्व सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।

वायुसेना का यह अभियान न केवल परीक्षा सुरक्षा का उदाहरण बन रहा है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है।

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