नई दिल्लीः कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश में बढ़ते पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य और सपनों पर सीधा प्रहार है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि आज के समय में मेहनत का सही परिणाम नहीं मिल रहा, बल्कि युवाओं को उनके सपनों के लिए सजा मिल रही है।
युवाओं से संघर्ष की अपील
राहुल गांधी ने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे थके हुए और नाराज जरूर हैं, लेकिन अब समय है कि वे अपनी आवाज और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि जब सरकार नहीं सुनती, तो जनता को अपनी आवाज और बुलंद करनी पड़ती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए संगठित होकर आगे आएं।
कोटा से आंदोलन की शुरुआत
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घोषणा की है कि इस अभियान की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से होगी, जहां वह छात्र सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के जरिए देशभर में छात्रों को जोड़ने और एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की योजना है।
पार्टी ने इस अभियान को “छात्रों की गूंज” नाम दिया है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना है।
सरकार पर गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि जहां एक ओर अरबपतियों पर भारी खर्च किया जाता है, वहीं छात्रों को सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली तक नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों के समय सरकार पूरी व्यवस्था दुरुस्त कर सकती है, लेकिन परीक्षार्थियों के लिए व्यवस्था अक्सर कमजोर दिखाई देती है।
रेलवे वीडियो विवाद का जिक्र
राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया था कि परीक्षार्थियों को यात्रा के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि यह घटना पटलीपुत्र स्टेशन की नहीं है और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति संभवतः थकान या स्वास्थ्य समस्या से प्रभावित हो सकता है। रेलवे ने लोगों से अपील की कि इस तरह की भ्रामक जानकारी न फैलाएं।
देशव्यापी अभियान की तैयारी
कांग्रेस का दावा है कि यह आंदोलन केवल कोटा तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत प्रयागराज, पटना और दिल्ली में भी छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
पार्टी का कहना है कि यह अभियान देशभर के छात्रों की समस्याओं को सामने लाने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को मजबूत करने के लिए चलाया जा रहा है।