🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

“संगठन में कमजोरी, जनता में नाराजगी”-सुदीप ने TMC की हार का ठीकरा I-PAC पर फोड़ा

TMC में बगावत गहराई, सुदीप बंद्योपाध्याय ने पार्टी की कार्यशैली पर उठाए सवाल।

By श्वेता सिंह

Jun 15, 2026 23:34 IST

कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के बयान ने संगठन की कार्यशैली, चुनावी रणनीति और आंतरिक समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में 19 अन्य बागी सांसदों के साथ मिलकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर एनडीए को समर्थन देने वाले इस समूह का हिस्सा रहे सुदीप ने पार्टी की “संगठनात्मक कमजोरियों” को खुलकर सामने रखा है।

‘टीएमसी का संगठन पूरी तरह प्रभावी नहीं रहा’

सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि टीएमसी (TMC) अपनी संगठनात्मक संरचना को प्रभावी रूप से मजबूत करने में सफल नहीं हो सकी। उनके अनुसार, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार दूरी बढ़ती गई, जिसका सीधा असर पार्टी के प्रदर्शन और जनसंपर्क पर पड़ा।

उन्होंने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में जनता के बीच भ्रष्टाचार और असंतोष को लेकर लगातार शिकायतें सामने आईं, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए।

I-PAC की भूमिका पर उठे सवाल

वरिष्ठ सांसद ने राजनीतिक रणनीतिकार संस्था I-PAC पर भी गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रबंधन में इस संस्था का प्रभाव लगातार बढ़ता गया और कई निर्णयों में इसकी भूमिका अत्यधिक दिखाई देने लगी।

सुदीप के अनुसार, चुनावी अभियान के अंतिम चरण में संगठनात्मक समन्वय कमजोर पड़ गया, जिससे पार्टी की रणनीति और जमीनी तैयारी दोनों प्रभावित हुईं।

नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती दूरी

सुदीप बंद्योपाध्याय ने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर सबसे बड़ी समस्या यह रही कि स्थानीय कार्यकर्ताओं की शिकायतें और जमीनी मुद्दे शीर्ष नेतृत्व तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पाए।

उनका कहना है कि निर्णय प्रक्रिया में देरी और संवाद की कमी के कारण संगठन में असंतोष धीरे-धीरे बढ़ता गया। यह स्थिति लंबे समय से बन रही थी, जिसे समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया।

व्यक्तिगत नेतृत्व पर सीधा हमला नहीं

हालांकि सुदीप ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी या अभिषेक बनर्जी पर सीधे व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके राजनीतिक जीवन का बड़ा हिस्सा ममता बनर्जी के नेतृत्व में बीता है और उनके प्रति सम्मान बना हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी चुनावी हार या संगठनात्मक कमजोरी को केवल किसी एक व्यक्ति पर थोपना सही नहीं होगा, क्योंकि यह सामूहिक व्यवस्था की विफलता का परिणाम है।

राजनीतिक भविष्य और एनडीए के साथ संभावनाएं

एनडीए के साथ संभावित सहयोग को लेकर पूछे गए सवालों पर सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल से औपचारिक संपर्क की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वह भविष्य में सहयोगात्मक राजनीति के लिए तैयार हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी नयना बंद्योपाध्याय टीएमसी में ही बनी रहेंगी और उनका राजनीतिक निर्णय व्यक्तिगत स्तर पर है।

टीएमसी में बढ़ती हलचल

हाल ही में 20 सांसदों के समूह द्वारा एनसीपीआई में विलय और एनडीए को समर्थन देने के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष और गुटबाजी की स्थिति और स्पष्ट हो गई है। सुदीप बंद्योपाध्याय के बयान ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और रणनीतिक प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है।

Articles you may like: