नई दिल्ली/ कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने के फैसले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने बागी सांसदों और नई पार्टी दोनों पर सवाल उठाए हैं।
शमा मोहम्मद ने NCPI पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने इस संगठन का नाम पहले कभी नहीं सुना था। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए भी चिंता का विषय बताया। उनके अनुसार यदि इस तरह की राजनीतिक पुनर्संरचनाओं को स्वीकार किया जाता है तो भविष्य में विभिन्न राज्यों के निर्वाचित प्रतिनिधि भी अचानक किसी दूसरे राज्य की पार्टी के साथ जाने का दावा कर सकते हैं।
कांग्रेस नेता ने बागी सांसदों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें साहस है तो वे अपने पदों से इस्तीफा दें और पश्चिम बंगाल में NCPI के चुनाव चिह्न तथा नेतृत्व के नाम पर दोबारा चुनाव लड़कर जनता का जनादेश हासिल करें। जनता के सामने जाकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करनी चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिल रहा है। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार को दावा किया था कि लोकसभा के 20 सांसदों ने TMC छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर लिया है और अब वे NDA का समर्थन करेंगे।
दस्तीदार के अनुसार इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर संसद में अलग बैठने की अनुमति मांगी है। उन्होंने दावा किया कि यह समूह पार्टी की कुल संसदीय ताकत के दो-तिहाई से अधिक का प्रतिनिधित्व करता है। आगे वे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे।
इस बीच पश्चिम बंगाल में पार्टी के भीतर संकट और गहरा गया है। निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 58 विधायकों के बगावत करने का दावा किया गया है। वहीं राज्यसभा के तीन सांसदों सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश बराइक ने भी उच्च सदन की सदस्यता और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।