🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

39 साल की उम्र में मेसी ने दिखाया जादू, विश्व कप में अल्जीरिया को 3-0 से हराया

मेसी ने विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 16 कर ली और जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़े की बराबरी कर ली।

टोपेका : विश्व फुटबॉल में अक्सर यह सवाल उठता है कि बढ़ती उम्र के साथ खिलाड़ी कितना प्रभावी रह सकता है। आमतौर पर 39 वर्ष की उम्र तक पहुंचने के बाद किसी फुटबॉलर से सीमित समय मैदान पर रहने और अनुभव के दम पर खेल को नियंत्रित करने की उम्मीद की जाती है। लेकिन अगर खिलाड़ी का नाम लियोनेल मेसी हो, तो सारी परिभाषाएं बदल जाती हैं। फीफा विश्व कप 2026 के अपने पहले ही मुकाबले में मेसी ने हैट्रिक लगाकर साबित कर दिया कि उनकी चमक अब भी बरकरार है।

अर्जेंटीना ने अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत अल्जीरिया के खिलाफ 3-0 की शानदार जीत के साथ की और टीम की ओर से तीनों गोल कप्तान लियोनेल मेसी ने किए। भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े छह बजे खेले गए इस मुकाबले में मेसी का जादू पूरी तरह छाया रहा।

मैच की शुरुआत से ही अर्जेंटीना आक्रामक नजर आया। पांचवें मिनट में मेसी ने गेंद को विरोधी टीम के जाल में पहुंचा दिया था, लेकिन ऑफसाइड के कारण गोल मान्य नहीं हुआ। कुछ देर बाद अल्जीरिया ने भी गोल किया, लेकिन वह भी ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया।

इसके बाद 17वें मिनट में अर्जेंटीना को बढ़त मिली। मिडफील्ड से रोड्रिगो डी पॉल ने शानदार पास मेसी को दिया। गेंद मिलने के बाद मेसी अपने परिचित अंदाज में आगे बढ़े और लगभग 25 गज की दूरी से बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया। अल्जीरिया के गोलकीपर लुका जिदान ने गेंद को रोकने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों को छूते हुए गोल में चली गई।

लुका जिदान, फ्रांस के महान फुटबॉलर जिनेदिन जिदान के पुत्र हैं। हालांकि इस मुकाबले में मेसी के सामने वह असहाय नजर आए।

यह मैच अर्जेंटीना की ओर से लियोनेल मेसी का 200वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था। इस गोल के साथ उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए अपना 118वां और विश्व कप में 14वां गोल दर्ज किया।

पहले गोल के बाद अर्जेंटीना को कई और अवसर मिले, लेकिन या तो खिलाड़ी निशाने से चूक गए या फिर लुका जिदान ने बेहतरीन बचाव किया। पहले हाफ की समाप्ति तक अर्जेंटीना 1-0 से आगे था।

दूसरे हाफ की शुरुआत में अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने बदलाव किए। उन्होंने गोंजालो मोंटिएल की जगह नाहुएल मोलिना को मैदान पर उतारा। 55वें मिनट में लाउतारो मार्टिनेज को शानदार मौका मिला, लेकिन गोलकीपर जिदान ने उसे विफल कर दिया।

इसके बाद स्कालोनी ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए लाउतारो मार्टिनेज को बाहर बुलाया और उनकी जगह जूलियन अल्वारेज़ को मैदान पर भेजा। वहीं थियागो अल्माडा की जगह निकोलस गोंजालेज़ को उतारा गया।

इन बदलावों का असर जल्द ही दिखाई दिया। 60वें मिनट में अर्जेंटीना को दूसरा गोल मिला और एक बार फिर गोल करने वाले खिलाड़ी मेसी ही थे। एलेक्सिस मैक एलिस्टर का शॉट अल्जीरियाई गोलकीपर पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके। गेंद उनके शरीर से टकराकर वापस मैदान में आ गई और मेसी ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया।

इस गोल के साथ मेसी ने विश्व कप में अपने गोलों की संख्या 15 कर ली और ब्राजील के महान स्ट्राइकर रोनाल्डो नजारियो के विश्व कप गोलों की बराबरी कर ली।

छह मिनट बाद मेसी को फिर एक शानदार मौका मिला। उन्होंने लंबी दूरी से जोरदार शॉट लगाया, लेकिन इस बार लुका जिदान ने बेहतरीन बचाव करते हुए गोल नहीं होने दिया।

हालांकि यह बचाव भी अर्जेंटीना को तीसरा गोल करने से नहीं रोक सका। मैच के 76वें मिनट में मेसी ने फिर लंबी दूरी से शानदार शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया और अपनी हैट्रिक पूरी कर ली।

इस गोल के साथ मेसी ने विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 16 कर ली और जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़े की बराबरी कर ली। यह उनके करियर की पहली विश्व कप हैट्रिक भी रही।

हैट्रिक पूरी करने के बाद 80वें मिनट में मेसी को मैदान से बाहर बुला लिया गया। उस समय पूरे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें सम्मान दिया। मेसी तब तक अपना काम पूरी तरह कर चुके थे और अर्जेंटीना को जीत की मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।

विश्व कप 2022 में कतर में जिस अंदाज में मेसी और अर्जेंटीना ने अपना अभियान समाप्त किया था, विश्व कप 2026 में उन्होंने ठीक उसी विजयी लय के साथ शुरुआत की है। मेसी की यह हैट्रिक न केवल अर्जेंटीना के लिए शानदार संकेत है, बल्कि यह भी दिखाती है कि उम्र केवल एक संख्या है और महान खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से इतिहास लिखते रहते हैं।

Articles you may like: