मुंबई/नई दिल्लीः शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने मंगलवार देर रात दावा किया है कि महाराष्ट्र से सांसदों को “खरीदने” के लिए 15 करोड़ रुपये का एडवांस दिया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल तेज हो गई है और शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की चर्चाएं और गहरा गई हैं।
राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “पैसे के दम पर सांसदों को तोड़ने की कोशिश हो रही है, यह बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक है।”
टूट की अटकलों के बीच सियासी बयानबाजी तेज
इससे पहले दिन में ही राजनीतिक हलचल तब बढ़ी जब शिवसेना नेता और राज्य मंत्री प्रताप सरनाईक ने संकेत दिया कि यदि कुछ सांसद या विधायक नेतृत्व से असंतुष्ट हैं, तो वे शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं और उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
उनके बयान के बाद यह अटकलें और तेज हो गईं कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ लोकसभा सांसद अलग गुट बनाने या पाला बदलने की तैयारी में हैं।
दिल्ली दौरे और बैठकों से बढ़ा सस्पेंस
इसी बीच संजय राउत के दिल्ली दौरे ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी। कयास लगाए गए कि वे लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सकते हैं, ताकि किसी संभावित टूट की स्थिति को रोका जा सके।
वहीं पार्टी के कुछ सांसदों की बैठकों में गैरहाजिरी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ने को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं।
शिवसेना (यूबीटी) का दावा-सभी सांसद एकजुट
शिवसेना (यूबीटी) ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया है। सांसद अनिल देसाई और संजय राउत ने कहा कि सभी सांसद पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।
राउत ने कहा कि पार्टी कैडर आधारित है और कई उतार-चढ़ाव देख चुकी है, लेकिन संगठन पर कोई खतरा नहीं है। राउत ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति करती है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना (यूबीटी) किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम है और पार्टी को कमजोर समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए।
फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में सांसदों के कथित पाला बदलने और गुटबाजी की अटकलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि दोनों पक्षों ने अभी किसी भी तरह की टूट की संभावना से इनकार किया है, लेकिन सियासी माहौल लगातार गर्म बना हुआ है।