कोलकाताः पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग के अनुसार 17 जून को दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। कई इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
भूस्खलन और जलभराव का बढ़ा खतरा
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में 10 से 13 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए अगले तीन से चार दिनों तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
मालदा और दिनाजपुर जिलों में भी मौसम का असर
मालदा, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। यहां मध्यम से भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
कोलकाता में उमस ने बढ़ाई परेशानी
राजधानी कोलकाता में मानसून की मौजूदगी के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही है। आलिपुर मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 16 जून को शहर का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 28.8 से 29.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक है।
सुबह के समय आर्द्रता का स्तर 79 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा।
शाम को राहत की बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार आज कोलकाता में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना 30 से 50 प्रतिशत तक है।
अधिकतम तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि उमस के कारण वास्तविक महसूस होने वाला तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अचानक होने वाली बारिश से शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका भी है।
दक्षिण बंगाल में मानसून अब भी कमजोर
बर्धमान, पुरुलिया, बांकुड़ा, झाड़ग्राम, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर, हावड़ा तथा हुगली समेत दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में मानसून अभी अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है।
जून के पहले पखवाड़े में इन इलाकों में सामान्य से 60 से 70 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज की गई है। बारिश की कमी और तेज धूप के कारण कई जिलों में तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे मानसून के मौसम में भी गर्मी का असर बना हुआ है।
20 जून के बाद बदल सकता है मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज और कल दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों में छिटपुट गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि 20 जून के बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
इस दौरान हल्की से मध्यम वर्षा के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 20 से 22 जून के बीच दक्षिण बंगाल के लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों पर बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़ों और अस्थायी ढांचों के पास खड़े होने से बचने को कहा गया है।
उमस और गर्मी के कारण बुजुर्गों, बच्चों और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं समुद्री तटीय इलाकों में रहने वाले मछुआरों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
राज्य में मानसून की असमान तस्वीर
फिलहाल पश्चिम बंगाल में मानसून का असर दो अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। उत्तर बंगाल में लगातार बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों की आशंका बनी हुई है, जबकि दक्षिण बंगाल अभी भी पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहा है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक पूरे राज्य में मानसूनी गतिविधियां अधिक संतुलित और व्यापक हो सकती हैं।