एवियन : फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि यदि उनके आदेश पर वर्ष 2020 में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या नहीं की गई होती, तो आज अमेरिका और ईरान के बीच यह समझौता संभव नहीं हो पाता। ट्रंप ने सुलेमानी को “पागल लेकिन प्रतिभाशाली” व्यक्ति बताते हुए कहा कि उनकी मौत ने भविष्य की कूटनीतिक प्रक्रिया का रास्ता तैयार किया।
जी7 शिखर सम्मेलन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप ने कहा कि यह समझौता तीन महीने की प्रक्रिया का परिणाम नहीं है बल्कि इसे बनने में कई वर्ष लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरी रणनीति की शुरुआत उस समय हुई थी जब उन्होंने जनरल कासिम सुलेमानी के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया था। उनके अनुसार यदि वह कदम नहीं उठाया जाता तो आज इस समझौते पर चर्चा भी नहीं हो रही होती क्योंकि ईरान सुलेमानी जैसा दूसरा नेता तैयार नहीं कर सका।
गौरतलब है कि जनवरी 2020 में बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमले में ईरानी सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हुई थी। यह कार्रवाई तत्कालीन अमेरिकी प्रशासन के आदेश पर की गई थी और उस समय इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
उन्होंने आगे दावा किया कि तेल की कीमतों में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है और यह ऐसी कमी है, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई। ट्रंप के मुताबिक बाजारों में यह बदलाव संभावित समझौते और क्षेत्रीय स्थिरता की उम्मीदों के कारण आया है।
एएनआई के रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने कूटनीतिक दृष्टिकोण का बचाव करते हुए कहा कि यदि यह समझौता नहीं होता तो अमेरिका कई और सप्ताह तक सैन्य कार्रवाई जारी रख सकता था। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संचालन सामान्य रूप से संभव नहीं हो पाता और क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित रहतीं। ट्रंप का कहना था कि समझौते के माध्यम से ही क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक गतिविधियों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होने की संभावना है। हस्ताक्षर से पहले समझौते की प्रारंभिक जानकारियां भी सामने आने लगी हैं।
फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में रणनीतिक महत्व वाले हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह खोलने, अमेरिका द्वारा लगाए गए अवरोध को औपचारिक रूप से समाप्त करने और ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को लेकर 60 दिनों की महत्वपूर्ण वार्ता प्रक्रिया शुरू करने का प्रावधान शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस व्यापक रोडमैप में ईरान को कुछ आर्थिक प्रतिबंधों से राहत देने के साथ-साथ इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच एक संरचित युद्धविराम व्यवस्था को भी शामिल किया गया है, ताकि क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता स्थापित की जा सके।