रांची : झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना को गंभीर बताते हुए इसकी व्यापक और गहन जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि घटना के पीछे की साजिश और इसके उद्देश्य का पता लगाया जाना आवश्यक है।
बुधवार तड़के रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से पेट्रोल बम फेंके जाने की सूचना सामने आई। घटना के बाद भाजपा ने झारखंड की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि दो लोगों द्वारा आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस गठबंधन सरकार के शासन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि घटना के पीछे कौन लोग है उनकी मंशा क्या थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को कथित हमले के मास्टरमाइंड और उसके उद्देश्य का पता लगाना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि यह घटना किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि हाल के समय में कुछ लोगों द्वारा आरएसएस के खिलाफ तीखी और आक्रामक टिप्पणियां की गई हैं और उसके बाद इस प्रकार की घटना सामने आना कई सवाल खड़े करता है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी विशेष बयान और इस घटना के बीच सीधे संबंध स्थापित नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन उनके अनुसार आरएसएस के खिलाफ जिस प्रकार का माहौल तैयार किया जा रहा है और जिस तरह की कटु भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है उसके संभावित गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि राष्ट्रवादी संगठनों के प्रति कुछ वर्गों में इतनी असहिष्णुता, विरोध और शत्रुता क्यों दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठनों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले तत्वों की पहचान की जानी चाहिए और इस विषय पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
भाजपा ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए ताकि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।