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नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से पहले भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक पर आपत्ति क्यों?

विशेषज्ञों का दावा- केवल प्रतिबंध से नहीं रुकेगा पेपर लीक, विदेशी सर्वरों से बनी हुई है पहुंच, टेलीग्राम प्रमुख ने सरकार के फैसले पर उठाए सवाल

By डॉ. अभिज्ञात

Jun 17, 2026 14:20 IST

नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद भारत में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम की उपलब्धता सीमित हो गई है। ऐप को प्रमुख ऐप स्टोर्स से हटाए जाने के कारण नए डाउनलोड पर रोक लग गई है, जबकि उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के जरिए यह सेवा अब भी इस्तेमाल की जा सकती है।


सरकार ने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के मद्देनजर प्रश्नपत्र लीक की आशंकाओं को रोकने के लिए गूगल और एप्पल को 22 जून तक टेलीग्राम को अपने-अपने ऐप स्टोर्स से हटाने का निर्देश दिया है। इसके बाद मंगलवार को गूगल प्ले स्टोर से ऐप हटाया गया और अब एप्पल के ऐप स्टोर से भी इसे हटा दिया गया है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित यह परीक्षा देशभर के स्नातक चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। इससे पहले 3 मई को हुई परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद पुनर्परीक्षा का निर्णय लिया गया।

सरकार की ओर से जारी एक अन्य निर्देश के तहत टेलीग्राम को भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों में संपादन (मैसेज एडिटिंग) की सुविधा 30 जून तक बंद रखने के लिए भी कहा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इसी तकनीकी सुविधा का उपयोग राष्ट्रीय परीक्षाओं से जुड़े कथित प्रश्नपत्र लीक के बाद सबूत गढ़ने के लिए किया गया था।

वॉयजर इन्फोसेक के निदेशक जितेन जैन ने कहा कि केवल टेलीग्राम को ब्लॉक करने से प्रश्नपत्र लीक की समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार वीपीएन का उपयोग करने वाले लोग भारतीय सर्वरों को दरकिनार कर विदेशी सर्वरों के माध्यम से प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकते हैं, जिससे सेवा चालू रहती है।

इस बीच, टेलीग्राम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पावेल दुरोव ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सरकार द्वारा लगाया गया प्रतिबंध प्रश्नपत्र लीक को नहीं रोक पाएगा, बल्कि ऐसी गतिविधियां अन्य ऐप्स पर स्थानांतरित हो सकती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखे एक संदेश में कहा कि एक सप्ताह के लिए लगाया गया प्रतिबंध भारत में टेलीग्राम के 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करता है, न कि उन लोगों को जिन्होंने परीक्षा सामग्री लीक की।

देर रात किए गए एक अन्य पोस्ट में पावेल दुरोव ने आरोप लगाया कि मेटा की आंशिक हिस्सेदारी वाले रिलायंस समूह और उसकी प्रतिस्पर्धी सेवा व्हाट्सऐप ने भारत में टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने के लिए लॉबिंग की हो सकती है।

हालांकि दूरसंचार उद्योग से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र ने, नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर, इन आरोपों को “फर्जी खबर” बताया। सूत्र के अनुसार पावेल दुरोव ने रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है।

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