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फीफा विश्व कप में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता, अमेरिका ने सभी मैच स्थलों को बनाया एंटी-ड्रोन

यूएफसी 250 पर कथित ड्रोन साजिश के बाद विश्व कप आयोजनों की सुरक्षा और अधिक सख्त की गई।

By शिखा सिंह

Jun 17, 2026 14:16 IST

वॉशिंगटन डीसी : व्हाइट हाउस विश्व कप टास्क फोर्स के प्रमुख एंड्रयू जूलियानी ने जानकारी दी है कि अमेरिका में खेले जा रहे फीफा विश्व कप 2026 के सभी मुकाबलों के लिए एंटी-ड्रोन सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई है। इसके तहत टूर्नामेंट के दौरान आयोजित होने वाले प्रत्येक मैच और फैन फेस्टिवल की निगरानी की जाएगी।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब हाल ही में व्हाइट हाउस में आयोजित यूएफसी 250 कार्यक्रम पर कथित ड्रोन हमले की साजिश का मामला सामने आया था। कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सूत्रों ने यह भी संकेत दिया था कि अमेरिका में आयोजित विश्व कप मुकाबले भी संभावित निशानों में शामिल हो सकते हैं।

एंड्रयू जूलियानी ने कहा कि अमेरिका में आयोजित होने वाले सभी 78 विश्व कप मैचों को एंटी-ड्रोन सुरक्षा कवरेज दिया गया है। इसके अलावा प्रत्येक मेजबान शहर में स्थापित फैन फेस्टिवल भी पूरे टूर्नामेंट के दौरान इसी सुरक्षा दायरे में रहेंगे।

फीफा विश्व कप 2026 की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से कर रहे हैं। यह टूर्नामेंट 11 जून से शुरू हुआ है और 19 जुलाई तक चलेगा।

सुरक्षा के साथ-साथ मेजबान अमेरिका ने मैदान पर भी शानदार शुरुआत की है। अमेरिकी टीम ने 12 जून को अपने पहले मुकाबले में पैराग्वे को 4-1 से हराकर विश्व कप अभियान का विजयी आगाज किया।

इस जीत में फोलारिन बालोगुन और क्रिश्चियन पुलिसिक ने अहम भूमिका निभाई। बालोगुन ने दो गोल दागे, जबकि पुलिसिक ने पूरे मैच के दौरान आक्रमण की कमान संभालते हुए लगातार पैराग्वे की रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा।

मुकाबले के सातवें मिनट में अमेरिका को बढ़त मिली। क्रिश्चियन पुलिसिक ने शानदार पास देकर वेस्टन मैककेनी को मौका बनाया। इस दौरान पैराग्वे के खिलाड़ी डेमियन बोबाडिला से आत्मघाती गोल हो गया और अमेरिका 1-0 से आगे हो गया।

इसके बाद 31वें मिनट में फोलारिन बालोगुन ने क्रिश्चियन पुलिसिक के सटीक क्रॉस को गोल में बदलकर स्कोर 2-0 कर दिया। अमेरिका ने पहले हाफ में ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

दूसरे हाफ में भी अमेरिकी टीम का दबदबा कायम रहा। हालांकि 73वें मिनट में मौरिसियो मागालहाएस ने पैराग्वे के लिए गोल कर अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन उनकी टीम मैच में वापसी नहीं कर सकी।

अमेरिका के मुख्य कोच मॉरिसियो पोचेटिनो ने लंबे टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए मध्यांतर के बाद क्रिश्चियन पुलिसिक को आराम दिया और उनकी जगह सेबास्टियन बेरहाल्टर को मैदान पर उतारा।

इंजरी टाइम के 98वें मिनट में फोलारिन बालोगुन ने अपना दूसरा गोल किया। उन्होंने दो डिफेंडरों को छकाते हुए शानदार फिनिश किया और अमेरिका की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी।

मुकाबले के अंतिम क्षणों में जियो रेयना ने लंबी दूरी से बेहतरीन शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में पहुंचाया। उनके इस शानदार गोल ने अमेरिका की 4-1 की प्रभावशाली जीत पर अंतिम मुहर लगा दी।

विश्व कप जैसे विशाल आयोजन के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। एंटी-ड्रोन तकनीक की तैनाती को इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

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