कोलकाताः कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के बीच स्वच्छता और जनजागरूकता अभियान को गति दी गई है। शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिक तक हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही लोगों को योग और फिटनेस के प्रति जागरूक करने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।
बुधवार को कोलकाता के मेयर घाट पर आयोजित ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हिस्सा लिया। उन्होंने स्वयं झाड़ू से घाट की सीढ़ियों की सफाई की और अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान मंत्री अग्निमित्रा पॉल, अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां चल रही हैं। उनके अनुसार राज्य सरकार, कोलकाता नगर निगम और संबंधित विभाग मिलकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित दौरे को सफल बनाने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय के साथ काम किया जा रहा है।
अग्निमित्रा पॉल ने जोर देकर कहा कि योग और स्वच्छता किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं हैं। उनका मानना है कि दोनों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वच्छ वातावरण मिलकर बेहतर समाज की नींव तैयार करते हैं।
भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य आगमन का प्रस्ताव है। साथ ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाएगा। इन आयोजनों को ध्यान में रखते हुए छह दिनों का विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि मंदिरों, पार्कों, सड़कों, नदी तटों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सफाई की जा रही है। इस अभियान में स्कूली छात्र-छात्राओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित किया जा सके।
दूसरी ओर, राज्यभर में योग और फिटनेस को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के विधायक पीयूष कनोडिया ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में घोषणाओं के माध्यम से लोगों को योग अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस पहल को स्वच्छ भारत और स्वच्छ बंगाल अभियानों से भी जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य केवल सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि लोगों के बीच स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
इससे पहले अग्निमित्रा पाल ने बताया कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के समक्ष एक प्रस्ताव रखेंगी, जिसके तहत स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने से पहले प्रतिदिन आधे घंटे का समय योग के लिए निर्धारित किया जा सके। उनका कहना है कि योग बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और शारीरिक क्षमता विकसित करने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य में पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे में उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। नियमित योगाभ्यास से उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले चलाया जा रहा यह अभियान केवल स्वागत की तैयारियों तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य, जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी जा रही है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि ऐसे प्रयासों से नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ेगी और स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण को नई गति मिलेगी।