कोलकाताः पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को उस समय हलचल मच गई, जब राज्य के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता उदयन गुहा को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया। कूचबिहार पुलिस ने उन्हें शहर के फूलबागान इलाके में स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद उदयन गुहा को फूलबागान थाने ले जाया गया। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी के पीछे की वजह को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि उदयन गुहा के खिलाफ वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद कथित हिंसा से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है। इसके अलावा उन पर कथित तौर पर कटमनी लेने और धोखाधड़ी से संबंधित आरोप भी लगाए गए हैं। इन मामलों को लेकर पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस उन्हें बुधवार को ही कूचबिहार जिले के दिनहाटा ले जा सकती है, जहां संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उदयन गुहा तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान उत्तर बंगाल विकास विभाग के मंत्री रह चुके हैं। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में उन्होंने कूचबिहार जिले की दिनहाटा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
दिनहाटा के स्थानीय सूत्रों का दावा है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से उदयन गुहा की क्षेत्र में सक्रियता काफी कम हो गई थी। बताया जा रहा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद वह कोलकाता के फूलबागान स्थित फ्लैट में रह रहे थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जब जांच एजेंसियों को उनके कोलकाता में रहने की जानकारी मिली, तब कूचबिहार पुलिस ने गोपनीय तरीके से कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद एक विशेष टीम कोलकाता पहुंची और उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तारी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही आरोपों और आगे की कार्रवाई की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।