जयपुर: प्रश्नपत्र लीक, युवाओं की समस्याओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी 17 जून बुधवार की शाम 5:30 बजे राजस्थान के कोटा में छात्रों से संवाद करने वाले हैं। कांग्रेस इस कार्यक्रम को देशव्यापी छात्र सम्मेलनों की श्रृंखला की पहली कड़ी बता रही है। हालांकि नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से ठीक पहले आयोजित होने जा रहे इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। सत्तारूढ़ भाजपा ने इसे राजनीतिक पर्यटन करार दिया है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि कार्यक्रम को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
कोटा के ओपन थिएटर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में कांग्रेस को करीब 10 हजार छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी छात्रों के साथ प्रश्नपत्र लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम में कोई राजनीतिक भाषण नहीं दिया जाएगा। यह देशभर में आयोजित होने वाले छात्र सम्मेलनों की श्रृंखला का पहला कार्यक्रम होगा, जिसमें राहुल गांधी हिस्सा लेंगे।
कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर करना है। पार्टी के अनुसार प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं, बढ़ता परीक्षा खर्च और भर्ती व शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सरकार की कथित विफलता युवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की जिम्मेदारी केंद्र सरकार को लेनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से नीट के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अब तक न तो न्यायिक जांच कराई गई और न ही किसी संसदीय समिति से जांच कराई गई।
इस बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने का प्रयास कर रही है। पार्टी के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कोटा स्थित कार्यालय से कोचिंग संस्थानों, पीजी और गेस्ट हाउस संचालकों को फोन कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि उनके यहां रहने वाला कोई छात्र कार्यक्रम में शामिल न हो। ओम बिरला कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और कोटा से ही आते हैं।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम से जुड़े पोस्टर और होर्डिंग्स को भाजपा सरकार के दबाव में प्रशासन द्वारा हटाया जा रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया। गहलोत ने कहा कि भाजपा के कार्यक्रमों के होर्डिंग्स बिना किसी बाधा के लगे रहते हैं, जबकि कांग्रेस के कार्यक्रम से जुड़े प्रचार सामग्री को चुनिंदा तरीके से हटाया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि छात्रों को कार्यक्रम में आने से हतोत्साहित करने और होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई यह दिखाती है कि भाजपा राहुल गांधी के कार्यक्रम से घबराई हुई है। इन कदमों से छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती। उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक दबाव के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके अनुसार छात्रों की आवाज होर्डिंग्स हटाने से नहीं रुकेगी और इसी कारण कोटा में छात्रों की भागीदारी और बढ़ेगी।
कार्यक्रम की तैयारियों के तहत मंगलवार शाम कोटा में नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया। इसमें राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया और छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
दूसरी ओर भाजपा ने कार्यक्रम की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक उद्देश्य से आयोजित बताया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस का 'युवराज' राजनीतिक पर्यटन के लिए कोटा आ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सरकार के दौरान प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं हुई थीं, तब राहुल गांधी कहां थे।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम छात्रों के साथ वास्तविक संवाद का मंच नहीं बनेगा, बल्कि इसे एक प्रबंधित सभा तक सीमित कर दिया जाएगा।
राजस्थान का कोटा देश का प्रमुख कोचिंग केंद्र माना जाता है, जहां विभिन्न संस्थानों में करीब 1.2 लाख छात्र नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 21 जून को नीट-यूजी परीक्षा का पुनः आयोजन करने जा रही है। 3 मई को आयोजित परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद एनटीए ने 12 मई को रद्द कर दिया था। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है।