श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। एजेंसी ने बारामूला जिले में आतंक से जुड़े एक आरोपी की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कदम अवैध गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत अदालत के आदेश के बाद उठाया गया है।
एनआईए अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई जम्मू स्थित नामित एनआईए अदालत के आदेश पर धारा 33 (1) यूएपीए के तहत की गई। इस दौरान बारामूला के कनिसपोरा क्षेत्र में स्थित दो भूखंडों को कुर्क किया गया।
जब्त की गई जमीन में एक भूखंड 7.5 मरला (लगभग 2,050 वर्ग फुट) और दूसरा 6 मरला (लगभग 1,632 वर्ग फुट) का है। ये दोनों भूखंड शहीन अहमद लोन के नाम पर दर्ज थे, जो वर्ष 2020 में दर्ज एनआईए मामले में आरोपी हैं।
एनआईए की यह कार्रवाई एक बड़े और गंभीर जांच अभियान का हिस्सा बताई जा रही है, जिसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन और कथित रूप से पाकिस्तानी एजेंसियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच का फोकस भारत में आतंक फैलाने की साजिश, अवैध हथियार नेटवर्क और आतंक फंडिंग पर है।
इस मामले की जांच उस व्यापक नेटवर्क से भी जुड़ी है, जिसमें हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों और जम्मू-कश्मीर के पूर्व उप पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह की कथित संलिप्तता की जांच पहले से चल रही है। एनआईए इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि आतंक से जुड़े वित्तीय और परिचालन ढांचे का खुलासा किया जा सके। एनआईए की यह कार्रवाई आतंकवाद के वित्तीय और जमीन आधारित नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।