मैसाचुसेट्स : अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेले जा रहे फीफा विश्व कप 2026 के दौरान नॉर्वे विश्व कप इतिहास की पहली ऐसी टीम बन गई, जिसने एक ही मैच में तीन पूर्व विश्व कप खिलाड़ियों के बेटों को मैदान पर उतारा।
इराक के खिलाफ मंगलवार को खेले गए मुकाबले में एरलिंग हालांड, अलेक्जेंडर सोरलोथ और क्रिस्टियन थोर्स्टवेड्ट नॉर्वे की ओर से मैदान में उतरे। इसके साथ ही विश्व कप के इतिहास में एक अनोखा अध्याय जुड़ गया।
32 वर्ष पहले, 23 जून 1994 को अमेरिका में आयोजित फीफा विश्व कप के दौरान नॉर्वे ने इटली के खिलाफ मैच में इन तीन खिलाड़ियों के पिता को एक साथ मैदान में उतारा था।
उस मुकाबले में अल्फ-इंगे हालांड, जो एरलिंग हालांड के पिता हैं, गोरान सोरलोथ, जो अलेक्जेंडर सोरलोथ के पिता हैं, और एरिक थोर्स्टवेड्ट, जो क्रिस्टियन थोर्स्टवेड्ट के पिता हैं, नॉर्वे की टीम का हिस्सा थे।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड के साथ नॉर्वे ने मैदान पर भी शानदार प्रदर्शन किया और इराक को 4-1 से हराकर विश्व कप अभियान में प्रभावशाली जीत दर्ज की।
इस मुकाबले में एरलिंग हालांड ने अपने विश्व कप पदार्पण को यादगार बनाते हुए दो गोल किए। इसके अलावा लियो ओस्टीगार्ड ने एक गोल दागा, जबकि इराक के खिलाड़ी आयमेन हुसैन के आत्मघाती गोल ने नॉर्वे की जीत को और मजबूत कर दिया।
मैच की शुरुआत में इराक ने आक्रामक खेल दिखाया और शुरुआती अवसर भी बनाए। आयमेन हुसैन ने नजदीक से हेडर लगाया, लेकिन गेंद लक्ष्य से बाहर चली गई। इसके बाद अली अल हमादी ने भी लंबी दूरी से प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके।
हालांकि 29वें मिनट में नॉर्वे ने बढ़त हासिल कर ली। डेविड मोलर वोल्फे के निचले क्रॉस पर एरलिंग हालांड सही समय पर बैक पोस्ट पर मौजूद थे और उन्होंने गेंद को गोल में पहुंचाकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
इराक ने 10 मिनट बाद जवाबी हमला किया। अमीर अल अम्मारी के शानदार क्रॉस पर आयमेन हुसैन ने जोरदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
लेकिन पहले हाफ की समाप्ति से पहले नॉर्वे ने फिर बढ़त बना ली। एरलिंग हालांड ने इराकी गोलकीपर जलाल हसन पर दबाव बनाया, जिसके कारण उनसे गलती हुई और गेंद सीधे गोल में चली गई। इस तरह नॉर्वे 2-1 की बढ़त के साथ मध्यांतर तक पहुंच गया।
पहले हाफ के अंत तक इराक को बराबरी का स्कोर हासिल करने के कुछ और मौके मिले, लेकिन नॉर्वे की रक्षापंक्ति मजबूती से डटी रही।
दूसरे हाफ में गोल के अवसर अपेक्षाकृत कम देखने को मिले, लेकिन 76वें मिनट में नॉर्वे ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। क्रिस्टियन थोर्स्टवेड्ट के प्रयास के बाद मिले कॉर्नर पर लियो ओस्टीगार्ड ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 3-1 कर दिया।
मुकाबले के अंतिम चरण में एरलिंग हालांड अपनी हैट्रिक के बेहद करीब पहुंच गए थे। उन्होंने इराक की रक्षापंक्ति की एक खराब बैक पास को बीच में ही रोक लिया, लेकिन गोलकीपर जलाल हसन ने तेजी दिखाते हुए शानदार बचाव कर लिया।
हालांकि हालांड अंतिम गोल में भी अहम भूमिका निभाने में सफल रहे। इंजरी टाइम में उनके हेडर के बाद आयमेन हुसैन से दुर्भाग्यपूर्ण आत्मघाती गोल हो गया, जिससे नॉर्वे की बढ़त 4-1 हो गई।
इस जीत के साथ नॉर्वे ने न केवल विश्व कप में शानदार शुरुआत की, बल्कि पिता और पुत्र की दो पीढ़ियों से जुड़े एक ऐसे रिकॉर्ड को भी जन्म दिया, जिसे विश्व फुटबॉल लंबे समय तक याद रखेगा।