लीड्स (ब्रिटेन) : आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड्स को 95 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की विस्फोटक पारियों के बाद गेंदबाजी में श्री चरणी, शेफाली और नंदिनी शर्मा ने कमाल दिखाया जिसके दम पर भारत ने ग्रुप ए में चार अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए जो महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में टीम का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। जवाब में नीदरलैंड्स की टीम 17.3 ओवर में 114 रन पर सिमट गई। एक समय 96 रन पर चार विकेट गंवाने वाली डच टीम शेष छह विकेट केवल 18 रन जोड़कर खो बैठी।
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला नीदरलैंड्स के लिए महंगा साबित हुआ। भारतीय सलामी जोड़ी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों ने पहले पांच ओवर में बिना विकेट खोए 48 रन जोड़ दिए। पावरप्ले के अंतिम ओवर में मिर्थे वान डेन राड ने छह वाइड गेंदें फेंकी, जिससे भारत ने 5.1 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए।
पावरप्ले की समाप्ति तक भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 59 रन था। उस समय स्मृति 24 और शेफाली 26 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थीं। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ पावरप्ले स्कोर भी रहा।
10 ओवर पूरे होने तक भारत ने बिना विकेट गंवाए 96 रन बना लिए थे। शेफाली वर्मा ने 34 गेंदों में नौ चौकों की मदद से अपने टी20 विश्व कप करियर का पहला अर्धशतक पूरा किया। भारत ने 10.5 ओवर में 100 रन का आंकड़ा छू लिया, जो टूर्नामेंट के इतिहास में उसका सबसे तेज शतक (100 रन) रहा।
12वें ओवर में हीदर सीगर्स ने 115 रन की सलामी साझेदारी तोड़ते हुए शेफाली वर्मा को आउट किया। शेफाली ने 38 गेंदों में 55 रन बनाए जिसमें 10 चौके शामिल थे। महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह दोनों बल्लेबाजों की पांचवीं शतकीय साझेदारी रही जो संयुक्त रूप से दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
साथ ही महिला टी20 विश्व कप में भारत की ओर से यह चौथी शतकीय साझेदारी भी रही। इससे पहले वर्ष 2018 में हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 134 रन की साझेदारी कर सर्वोच्च रिकॉर्ड बनाया था।
स्मृति मंधाना ने भी लगातार दूसरे मैच में शानदार अर्धशतक जमाया। उन्होंने 36 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल था। 15वें ओवर में उन्होंने सिल्वर सीगर्स की लगातार चार गेंदों पर चार चौके लगाकर स्कोर को 159/1 तक पहुंचा दिया।
16वें ओवर में कैरोलिन डे लेंजे ने स्मृति मंधाना को आउट किया। उन्होंने 47 गेंदों पर 74 रन की शानदार पारी खेली जिसमें 11 चौके और एक छक्का शामिल था। इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स 19 रन और यास्तिका भाटिया तीन रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।
अंतिम ओवरों में ऋचा घोष ने मात्र आठ गेंदों पर नाबाद 20 रन बनाए, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने नौ गेंदों पर 12 रन और दीप्ति शर्मा ने केवल दो गेंदों में एक चौका और एक छक्का लगाते हुए नाबाद 10 रन जोड़े। इन पारियों की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 209/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया। नीदरलैंड्स की ओर से कैरोलिन डे लेंजे ने दो विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहीं।
210 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत अपेक्षाकृत अच्छी रही। हीदर सीगर्स (21 रन) और फीबे मोल्केनबोअर ने पहले विकेट के लिए 34 रन जोड़े लेकिन इसके बाद नंदिनी शर्मा ने पहला झटका देकर भारत को सफलता दिलाई।
छह ओवर के बाद नीदरलैंड्स का स्कोर 39/1 था। फीबे मोल्केनबोअर और बैबेट डे लीडे ने टीम को 7.2 ओवर में 50 रन तक पहुंचाया लेकिन इसके तुरंत बाद दीप्ति शर्मा ने मोल्केनबोअर को 15 रन पर आउट कर दिया। 10 ओवर तक टीम का स्कोर 68/2 था।
मध्य ओवरों में शेफाली वर्मा और नंदिनी शर्मा ने लगातार विकेट चटकाए। शेफाली ने स्टेरे कैलिस को 18 रन पर चलता किया, जबकि नंदिनी ने बैबेट डे लीडे को 28 रन पर आउट कर दिया। 13.4 ओवर में नीदरलैंड्स का स्कोर 96/4 था।
इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जबरदस्त वापसी करते हुए नीदरलैंड्स की पूरी पारी 17.3 ओवर में 114 रन पर समेट दी। श्री चरणी ने 19 रन देकर चार विकेट लिए जबकि शेफाली वर्मा ने 20 रन देकर तीन और नंदिनी शर्मा ने 22 रन देकर दो विकेट अपने नाम किए। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने 95 रन की प्रभावशाली जीत दर्ज की।