दिब्येंदु सरकार, आरामबाग
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 20 जून, शनिवार को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर दौरे को लेकर आरामबाग और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और पूरे क्षेत्र को कड़े सुरक्षा घेरे में लाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अनुमान है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रहेगी, जिसके मद्देनजर प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दिन तारकेश्वर में एक प्रशासनिक बैठक के साथ-साथ जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। लोगों के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर कुछ नई परियोजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। इसके अलावा यह संभावना भी जताई जा रही है कि तारकेश्वर धाम को काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर विकसित करने को लेकर कोई बड़ा ऐलान हो सकता है, जिससे जनमानस में विशेष उत्सुकता बनी हुई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार सभास्थल और आसपास के इलाकों की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को किसी भी तरह की चूक से बचाने के लिए कई स्तरों पर योजना बनाई गई है और अंतिम चरण की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।
प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर 19 और 20 जून को जिले में परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है। विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों को बड़ी संख्या में कार्यक्रम में लगाया जा रहा है, जिसके कारण आम यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन और परिवहन विभाग के अनुसार आरामबाग महकमा क्षेत्र से गुजरने वाली लगभग 586 बसें और पूरे जिले की करीब 1990 बसें सेवा से हटाई जा रही हैं। इसके अलावा 49 ट्रेकर भी इस व्यवस्था का हिस्सा बनाए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, इस कार्यक्रम में लगभग 1 लाख 35 हजार लोगों के बसों के माध्यम से पहुंचने की योजना बनाई गई है। विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों के आने की तैयारी है, जिनमें पुरशुरा, आरामबाग, खानाकुल, गोघाट, तारकेश्वर, श्रीरामपुर, उत्तरपाड़ा, चूंचुड़ा और चंदननगर जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं। श्रीरामपुर महकमा सहित अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
बसों की बड़ी संख्या में वापसी के चलते नित्य यात्रियों, छात्रों, शिक्षकों और नौकरीपेशा लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। आशंका जताई जा रही है कि इन दो दिनों में जिले में सामान्य परिवहन व्यवस्था लगभग ठप जैसी स्थिति में पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।
आरामबाग महकमा बस ऑपरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन की सचिव मधुमिता भट्टाचार्य ने बताया कि प्रशासन के अनुरोध पर बसें कार्यक्रम के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से सुझाव दिया गया था कि बसों को शुक्रवार रात के समय रिपोर्टिंग के लिए बुलाया जाए, लेकिन प्रशासनिक मांग के अनुसार उन्हें शुक्रवार सुबह ही उपलब्ध कराया गया। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ टूरिस्ट बसों के लिए रूट व्यवस्था में छूट की मांग की गई है।
इस बीच राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। आरामबाग भाजपा संगठनात्मक जिला अध्यक्ष सुषांत बेरा ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा गर्व का विषय है और इस दिन बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि लोग इस अवसर को लेकर उत्साहित हैं और यह दिन विशेष महत्व रखता है।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तारकेश्वर दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां, सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन प्रबंधन पूरी तरह सक्रिय मोड में हैं, जबकि दूसरी ओर आम जनता के लिए असुविधा की स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है।