पेरिस (फ्रांस) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेरिस पहुंचने पर वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रवासी भारतीयों ने भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते सहयोग पर खुशी जताई और कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेरिस पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के सदस्य उनके होटल के बाहर एकत्र हुए और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। समर्थकों ने जयकारों और शुभकामनाओं के बीच प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया जिसके बाद उन्होंने फ्रांस में अपने आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत की।
एक प्रवासी भारतीय जो पेशे से वैज्ञानिक हैं, ने कहा कि उन्हें इस बात पर बेहद गर्व है कि ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का संयुक्त उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किया। उनके अनुसार यह पहल भारत और फ्रांस के बीच नवाचार और वैज्ञानिक सहयोग को नई दिशा देगी।
प्रवासी भारतीय प्रतीक ने बताया कि वह बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर से जुड़े हुए हैं जिसका उद्घाटन इस वर्ष सितंबर में पेरिस में होने वाला है। उन्होंने कहा कि यह पेरिस का पहला हिंदू मंदिर होगा। उनके मुताबिक मंदिर के उद्घाटन समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया है और पूरे भारत के लोगों को भी इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।
इंडिया फ्रांस एसोसिएशन के अध्यक्ष बिरेन शाह ने प्रधानमंत्री के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पेरिस में उनका स्वागत करना पूरे भारतीय समुदाय के लिए गर्व की बात है और उनकी मौजूदगी से सभी भारतीय स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय समुदाय द्वारा किए गए स्वागत और भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि पेरिस पहुंचने के तुरंत बाद भारतीय समुदाय ने उनका आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि प्रवासी भारतीय भारत और फ्रांस को एक-दूसरे के और करीब लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं तथा दोनों देशों की साझेदारी दुनिया की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस यात्रा के अंतिम चरण के तहत पेरिस पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्होंने वैश्विक शासन व्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ग्लोबल साउथ के साथ सहयोग जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कई बैठकों और चर्चाओं में हिस्सा लिया। उनकी पेरिस यात्रा को भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।