सोमवार की देर रात को चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का पहला सप्लिमेंट्री लिस्ट जारी कर दिया है। चुनाव आयोग ने दो लिस्ट को जारी किया है जिसमें एक सूची एडज्यूडिकेशन सप्लिमेंट्री लिस्ट (नंबर 1) है। दूसरी सूची एडज्यूडिकेशन डिलिटेड लिस्ट (नंबर 1) है।
पहली सूची में उन मतदाताओं के नाम हैं जिनके दस्तावेजों की जांच के बाद उनका नाम चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में शामिल कर लिया है और दूसरी सूची उन लोगों की है जिनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। क्या करेंगे अगर आपका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया हो?
बता दें, अंतिम मतदाता सूची में लगभग 60 लाख मतदाताओं का नाम 'विचाराधीन' अथवा अंडर एडज्यूडिकेशन रखा गया था। आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक करीब 29 लाख लोगों के नामों की सूची जारी की गयी है। हालांकि चुनाव आयोग ने आधिकारिक रूप से संख्याओं की कोई जानकारी साझा नहीं की है।
कैसे जांचेंगे अपना नाम?
सप्लिमेंट्री सूची में आपका नाम है या नहीं इसे जांचने के लिए आपको अपने मोबाइल में ECINET ऐप को डाउनलोड करना अथवा eci.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा। यहां राज्य के नाम का चयन करने के बाद वर्ष और एडज्यूडिकेशन सप्लिमेंट्री लिस्ट 1 का चुनाव करना होगा। इसके बाद जिला और विधानसभा केंद्र का चयन करने के बाद कैप्चा डालना होगा जिसके बाद आप सप्लिमेंट्री सूची का PDF डाउनलोड कर सकेंगे।
इसके साथ ही मतदान केंद्र, BDO, SDO और जिलाधिकारी के ऑफिस में भी आपको सप्लिमेंट्री मतदाता सूची मिल जाएगी जहां आप अपना नाम ढूंढ सकते हैं।
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अगर एडज्यूडिकेशन सप्लिमेंट्री लिस्ट 1 में आपको अपना नाम नहीं मिलता है तो 'Adjudication Deleted List No. 1' का चयन करें। अगर इस लिस्ट में आपको अपना नाम दिखता है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि आपका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। अब आपका अगला कदम क्या होगा?
शिकायतों का निपटारा करेंगे ट्राईब्यूनल
एडज्यूडिकेशन सप्लिमेंट्री लिस्ट से संबंधित शिकायतों को दर्ज करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 23 जिलों के लिए 19 ट्राईब्यूनल का गठन करने का आदेश दिया है। 19 न्यायाधीशों को लेकर इन ट्राईब्यूनल की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
अगर आपका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है तो आप ECINET ऐप पर या फिर चुनाव आयोग के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही ऑफलाइन आवेदन करने के लिए जिलाधिकारियों, अतिरिक्त जिलाधिकारियों और महकमा शासक के पास आवेदन कर सकते हैं।
गौर करने वाली बात यह भी है कि ट्राईब्यूनल कब से शुरू होगी अभी तक इस बाबत कोई जानकारी नहीं मिली है। ट्राईब्यूनल के लिए ऑफिस की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। सब कुछ निर्धारित हो जाने के बाद हाई कोर्ट को बताना होगा। हाई कोर्ट से हरी झंडी मिल जाने के बाद ही इसे शुरू किया जा सकेगा और उसके बाद ही आवेदन को स्वीकार किया जाएगा।